Yellow Sapphire Benefits: इन 3 राशियों के लिए वरदान साबित होता है पुखराज, पहनते ही बदल जाती है किस्मत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए पुखराज रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। ...और पढ़ें

Pukhraj benefits in hindi (Picture Credit: Freepik)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का खास महत्व है। इस शास्त्र के माध्यम से व्यक्ति को भविष्य की पूरी जानकारी मिल जाती है। कुंडली में अशुभ ग्रहों की कुदृष्टि से व्यक्ति को जीवन में नाना प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्योतिषियों की मानें तो बुरे कर्मों के चलते व्यक्ति को जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ता है। कई बार दोष लगने पर भी जातक को करियर और कारोबार में मनमुताबिक सफलता नहीं मिलती है। कुंडली में दोष लगने पर निवारण जरूरी है।
वहीं, कुंडली में गुरु मजबूत करने के लिए ज्योतिष पुखराज रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। पुखराज धारण करने से गुरु की कृपा जातक पर बरसती है। तीन राशि के जातकों के लिए पुखराज वरदान साबित होता है। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
पुखराज

पुखराज का संबंध देवताओं के गुरु बृहस्पति देव से है। इस रत्न को धारण करने से कुंडली में गुरु मजबूत होता है। कुंडली में गुरु मजबूत रहने पर जातक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। वहीं, करियर और कारोबार संबंधी परेशानी भी दूर हो जाती है।
गुरु
देवताओं के गुरु बृहस्पति देव धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। वहीं, आराध्य जगत के पालनहार भगवान विष्णु हैं। जबकि, कर्क राशि में बृहस्पति देव उच्च के होते हैं। इस राशि के जातकों पर बृहस्पति देव की विशेष कृपा बरसती है।
इन राशियों के लिए शुभ है
ज्योतिषियों की मानें तो कर्क, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए पुखराज रत्न शुभ माना जाता है। इन राशि के जातकों पर बृहस्पति देव की विशेष कृपा बरसती है। इसके लिए इन 3 राशि के जातकों को पुखराज अवश्य ही धारण करना चाहिए। अगर आपकी राशि कर्क, धनु या मीन है तो आप पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें- Panna Stone: पन्ना पहनने से मिलते हैं अद्भुत फायदे, धारण करने से पहले जरूर जान लें ये बातें
यह भी पढ़ें- मोती पहनने से मिल सकते हैं जबरदस्त फायदे, लेकिन ये लोग बनाएं दूरी
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्नमाध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।