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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Election 2022: अकाली दल काे वाेट देने की अपील कर विवादाें में घिरा बेअंत सिंह की हत्या में दाेषी राजोआणा, मचा घमासान

By Vipin KumarEdited By:
Published: Tue, 01 Feb 2022 09:10 AM (IST)Updated: Tue, 01 Feb 2022 12:54 PM (IST)

Punjab Elections 2022ः राजोआणा के बयान पर कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे लोगों ...और पढ़ें

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे बलवंत सिंह राजोआणा
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे बलवंत सिंह राजोआणा

जागरण संवाददाता, लुधियाना। Punjab Elections 2022ः  पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे बलवंत सिंह राजोआणा के बयान ने फिर विवाद खड़ा कर दिया है। पिता की अंतिम अरदास में भाग लेने के लिए एक घंटे की पैरोल पर दुगरी बाईपास फ्लाईओवर के पास स्थित गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे राजोआणा ने कांग्रेस को सिखों की कातिल जमात बताया। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब पर हमला करने वाली कांग्रेस का राज सिखों के माथे पर कलंक हैं। सभी सिख अकाली दल को ही विजयी बनाएं, इसी में कौम का भला है।

राजोआणा के बयान पर कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जेल में ही रहना चाहिए। बाहर आकर यह नफरत फैलाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजोआणा व बादलों के बीच के संबंध की जांच होनी चाहिए। राजोआणा के पिता के भोग में उनके साथ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार हरप्रीत सिंह भी मौजूद थे। जत्थेदार ने राजोआणा का सम्मान करते हुए उनके सिर पर नीली दस्तार सजाई और उनके साथ गुरुद्वारा साहिब में लंगर भी छका। 26 साल बाद जेल से बाहर आए राजोआणा ने कहा कि वह अंतिम अरदास के बाद घर जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने इजाजत नहीं दी।

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अंतिम अरदास के बाद राजाेआणा काे जेल भेजा

अंतिम अरदास होते ही राजोआणा को सीधा पटियाला जेल ले जाया गया। राजोआणा के पिता जसवंत सिंह का 22 जनवरी को निधन हो गया था और सोमवार को उनकी अंतिम अरदास हुई। राजोआणा ने पैरोल की लगाई अर्जी में कहा कि पिछले 26 सालों में उनके पिता सिर्फ उनसे जेल में मिलते थे और मुझे उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी जाए।

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