यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब के निजी स्कूलों को झटका, 93 वर्ष पुराना कानून बदला, बिना TC भी देना होगा बच्चों को दाखिला
पंजाब सरकार ने राज्य के निजी स्कूलों को झटका दिया है। राज्य में मान्यता प्राप्त स्कूलों को बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों (Recognized school) में विद्यार्थियों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (Transfer certificate) की शर्त को खत्म कर दिया है। ट्रांसफर सर्टिफिकेट को लेकर 93 साल पुराने कानून को बदला गया है। स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट प्राप्त करने संबंधी डायरेक्टर आफ पब्लिक इंस्ट्रकशन पंजाब पत्र नं.4892 आर, तारीख 19-3-1929 में जारी किया गया है।
कोरोना की समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने वर्ष 2020 में सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट की शर्त को खत्म कर दिया था। शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने इस संबंधी पत्र जारी कर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में भी इस सर्टिफिकेट को खत्म कर दिया है।
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शिक्षा विभाग की जानकारी में आया कि मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को पुरानी हिदायतों के आधार पर पिछले स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट लाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार विभिन्न कारणों से स्कूल तबदील करने की इच्छा रखने वाले माता-पिता को ट्रांसफर सर्टिफिकेट के संबंध में गैर जरूरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस कारण विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को पेश समस्याओं के हल के लिए पिछले स्कूल से ट्रांसफर सर्टीफिकेट प्राप्त करने संबंधी डायरेक्टर आफ पब्लिक इंस्ट्रकशन पंजाब पत्र नं.4892 आर समेत पहली सभी हिदायतें/हुक्म रद कर दिए गए हैं। साल 1929 की इन हिदायतों के आधार पर ही ट्रांसफर सर्टीफिकेटों के लिए बच्चों को परेशान किया जा रहा है। मान्यता प्राप्त/एफिलीएटेड स्कूल में बच्चे को दाखिल करते हुए सबंधित स्कूल प्रमुख अन्य स्रोतों से तथ्यों की जानकारी प्राप्त करके सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी को दाखिल करें। स्कूल अभिभावकों से लिखित स्व-घोषणा पत्र ले सकते हैं।
