Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    लंदन में गूंजे सारागढ़ी में शहीद जवानों के किस्से, कैप्टन ने किताब रिलीज कर दी श्रद्धांजलि

    By Ankit KumarEdited By:
    Updated: Wed, 13 Sep 2017 07:52 PM (IST)

    सारागढ़ी जंग की 120वीं वर्षगांठ के अवसर पर लंदन के नेशनल रॉयल म्यूजियम में सीएम ने किताब रिलीज की। उन्होंने 21 जवानों की शहादत को याद किया और शहीदों क ...और पढ़ें

    लंदन में गूंजे सारागढ़ी में शहीद जवानों के किस्से, कैप्टन ने किताब रिलीज कर दी श्रद्धांजलि

    जेएनएन, चंडीगढ़। सारागढ़ी जंग के महान शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए जब लंदन के नेशनल रॉयल म्यूजियम में बिगुल बजा, तो वहां मौजूद हस्तियों में चुप्पी पसर गई। सारागढ़ी जंग की 120वीं वर्षगांठ के अवसर पर ऐतिहासिक समागम के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की किताब की रिलीज 21 सिख योद्धाओं की बहादुरी और जज्बे का हिस्सा बन गई। जिन्होंनेे आत्मसमर्पण की बजाय शहादत को प्राथमिकता दी थी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसको सिख भाईचारे के लिए गौरवशाली पल बताया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से  सारागढ़ी की जंग के अंतिम कुछ घंटों के उन कष्टदायक पलों का जिक्र किया, जिनसे 21 सैनिकों को गुजरना पड़ा था। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इन शूरवीरों की याद हमेशा यादों में बसी रहेगी। गौरतलब है कि सारागढ़ी चौकी पर 21 सिख जवानों ने 12 सितंबर 1897 को 600 अफगान सैनिकों को ढेर किया था।

    यह भी पढ़ें: इंग्लैंड में बोले कैप्टन, ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए इंदिरा को किया था रोकने का प्रयास

    ईशर सिंह के अनूठे नेतृत्व की प्रशंसा

    मुख्यमंत्री ने हवालदार ईशर सिंह के अनूठे नेतृत्व की प्रशंसा की, जिन्होंने इस जंग के नतीजे से अवगत होते हुए एक बार भी पीछे न हटने की बजाय अपने सैनिकों की शहादत तक संयम से इस जंग का नेतृत्व किया। 'द सारागढ़ी फाउंडेशन' के नेतृत्व में हुए समागम में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विस्तार से चर्चा की और 'बहादुरी की मूर्तियां' विषय पर सारागढ़ी का यादगारी भाषण दिया। उन्होंने भारतीय सेना में सिखों का प्रतिनिधित्व कम करने की बात को खारिज कर दिया। कैप्टन ने कहा कि यह केवल धारणा का मामला है।

    किताब को बताया श्रद्धांजलि

    इस अवसर पर कैप्टन की किताब 'द 36वीं सिख्स इन द तिराह कंपेन 1897 -98 सारागढ़ी एंड का डिफेंस ऑफ समाना फोर्ट' लांच की गई। मुख्यमंत्री ने सारागढ़ी दिवस पर अपनी किताब रिलीज होने को इस जंग के शहीदों को नम्र श्रद्धांजलि बताया जो सेना के इतिहास में जीवित मिसाल रहेगी। सारागढ़ी को विश्व की 'लास्ट पोस्ट' के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1988 से 1992 तक ब्रिटिश सेना के चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ के तौर पर सेवाएं निभा चुके फील्ड मार्शल सर जॉन लियोन चैपल को अपनी किताब की कॉपी भेंट की।

    यह भी पढ़ें: हाई कोर्ट ने कहा, पंजाब सरकार को किसानों की परवाह नहीं