328 पावन स्वरूप मामले में पुलिस का एक्शन, पकड़े गए आरेपित सतिंदर कोहली के ठिकानों सहित 15 जगहों पर छापेमारी
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले में पंजाब पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अमृतसर पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में एक एसआईटी ग ...और पढ़ें

सतिंदर सिंह कोहली।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले में पंजाब पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस प्रकरण में नामजद आरोपितों की धरपकड़ लगातार जारी है और मामले की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अदालत के माध्यम से सभी नामजद आरोपितों के तलाशी वारंट हासिल कर लिए गए हैं। इसी कड़ी में शनिवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 15 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।
इनमें बीते दिनों पकड़े गए सतिंदर सिंह कोहली के चंडीगढ़ स्थित ठिकानों पर भी जांच चल रही है। इसके साथ चंडीगढ़ के दो ठिकाने, अमृतसर शहर के आठ स्थान तथा गुरदासपुर, रोपड़ सहित अन्य जिलों के इलाके शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है।
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रिकॉर्ड को कब्जे में लेगी पुलिस
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों और साक्ष्यों को रिकॉर्ड पर लाया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य मामले से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच करना है, ताकि पावन स्वरूपों से संबंधित सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में सतिंदर सिंह कोहली नामक एक आरोपित को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।
जानें कौन हैं सतिंदर सिंह
जानकारी के अनुसार, सतिंदर कोहली एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स के साथ जुड़े हुए हैं। एसजीपीसी ने साल 2009 में एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स फर्म को आंतरिक ऑडिट, खातों के कंप्यूटरीकरण और नियंत्रण प्रणाली के लिए नियुक्त किया था। इसके लिए फर्म को 3.5 लाख रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा था।
हालांकि जांच रिपोर्ट में सामने आया कि फर्म ने चार जिम्मेदारियों के बदले केवल एक कार्य किया, जिससे पावन स्वरूपों के गबन को समय रहते रोका नहीं जा सका। इसी आधार पर एसजीपीसी ने साल 2020 में कोहली की सेवाएं समाप्त कर दी थीं और 75 प्रतिशत भुगतान की वसूली का प्रस्ताव भी पारित किया गया था।

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