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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'जनता तीसरी बार देगी NDA को मौका', PM मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर कसा तंज, बोले- ये गलबहियां मिशन नहीं मजबूरी है

By AgencyEdited By: Piyush Kumar
Published: Tue, 18 Jul 2023 09:04 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jul 2023 09:41 PM (IST)

NDA Meeting In Delhi दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक आयोजित की गई। पीएम मोदी ने बैठक में मौजूद ...और पढ़ें

एनडीए में शामिल नेताओं को संबोधित कर रहे हैं पीएम मोदी।(फोटो सोर्स: एएनआइ)
एनडीए में शामिल नेताओं को संबोधित कर रहे हैं पीएम मोदी।(फोटो सोर्स: एएनआइ)

HighLights

  1. एनडीए की बैठक में भाजपा समेत 38 दलों के नेता हुए शामिल
  2. हमारे लिए गठबंधन मजबूती का माध्यम: पीएम मोदी
  3. पीएम मोदी ने कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों पर साधा निशाना

नई दिल्ली, एएनआइ। देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भाजपा समेत 38 राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में शामिल नेताओं को पीएम मोदी संबोधित कर रहे हैं।

संबोधन करते हुए उन्होंने कहा,"NDA के 25 वर्षों की इस यात्रा के साथ एक और संयोग जुड़ा है। ये वह समय है, जब हमारा देश आने वाले 25 वर्षों में एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कदम बड़ा रहा है। ये लक्ष्य विकसित भारत का है, आत्मनिर्भर भारत का है।"

उन्होंने कहा कि हमारे लिए गठबंधन मजबूती का माध्यम है। किसी के विरोध के लिए नहीं बना था एनडीए का गठन नहीं हुआ था।

पीएम मोदी ने एनडीए का बताया नया मतलब

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने इस अवसर पर एनडीए का नया मतलब भी बताया। उन्‍होंने कहा कि एनडीए में एन का मतलब है न्‍यू इंडिया, डी का मतलब डेवलप्‍ड इंडिया और ए का मतलब एस्‍पिरशन और पीपल यानी लोगों की आकांक्षाएं है।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारे देश में राजनीतिक गठबंधनों की एक लंबी परंपरा रही है, लेकिन जो भी गठबंधन नकारात्‍मकता के साथ बने वह कभी भी सफल नहीं हो पाए। कांग्रेस ने 90 के दशक में देश में अस्थिरता लाने के लिए गठबंधनों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने सरकारें बनाईं और सरकारें बिगाड़ीं।''

उन्‍होंने कहा कि 1988 में NDA का गठन हुआ था, लेकिन सिर्फ सरकारें बनाना और सत्ता हासिल करना NDA का लक्ष्य नहीं था। NDA किसी के विरोध में नहीं बना था, NDA किसी को सत्ता से हटाने के लिए नहीं बना था। NDA का गठन देश में स्थिरता लाने के लिए हुआ था।

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों की हुई बैठक पर साधा निशाना

मंगलवार के बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक भी हुई। इस बैठक में कांग्रेस समेत 26 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। इस बैठक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,"जब गठबंधन सत्ता की मजबूरी का हो, जब गठबंधन भ्रष्टाचार की नीयत से हो, जब गठबंधन परिवारवाद की नीति पर आधारित हो, जब गठबंधन जातिवाद और क्षेत्रवाद को ध्यान में रखकर किया गया हो तो वो गठबंधन देश का बहुत नुकसान करता है।"

उन्होंने आगे कहा कि 2014 से पहले की गठबंधन सरकार का उदाहरण हमारे सामने है। प्रधानमंत्री के ऊपर एक आलाकमान, पॉलिसी पैरालिसिस, निर्णय लेने में अक्षमता, अव्यवस्था और अविश्वास, खींचतान और भ्रष्टाचार, लाखों-करोड़ों के घोटाले।

एनडीए ने भ्रष्टाचार के हर रास्ते को बंद करने का प्रयास किया: पीएम मोदी  

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि NDA सरकार ने बीते 9 वर्षों में भ्रष्टाचार के हर रास्ते को बंद करने के लिए हर संभव प्रयास किया। पहले सत्ता के गलियारे में जो बिचौलिए घूमते थे, उन्हें बाहर कर दिया। जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति से गरीबों का हक छीनने से रोका है। 

पीएम मोदी ने विपक्षी पार्टियों पर कसा तंज 

पीएम मोदी ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेता एक दूसरे को भर-भरकर गालियां देते हैं। आरजेडी और जेडीयू के नेता एक दूसरे को कैसे-कैसे शब्दों से नवाजते हैं, लेकिन यहां अलग ही गलबहियां चल रही हैं। हम देश के लोगों को जोड़ते हैं लेकिन वो देश को तोड़ते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जनता खुली आंखों से देख रही है कि ये लोग इकट्ठा क्यों हो रहे हैं।

मेरे शरीर का हर क्षण देश को समर्पित: पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने आगे कहा ," मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भारत में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सबसे बड़ा मौका है। हर सपने संकल्प हैं और हर संकल्प सिद्धि के लिए हम समर्पित भाव से आदर्श लोग हुए हैं। मैं विश्वास करता हूं कि मैं अपने परिश्रम, परिश्रम में कहीं कोई कमी नहीं रखता... मेरे शरीर का हर कण, मेरे समय का हर क्षण देश को ही समर्पित है।

उन्होंने आगे कहा कि जनता देख रही है कि ये पार्टियां क्यों इकट्ठा हो रही हैं? जनता ये भी जान रही है कि ऐसा कौन सा गोंद है जो इन पार्टियों को जोड़ रहा है। किस तरह छोटे-छोटे स्वार्थ के लिए मूल्यों और सिद्धांतों से समझोता किया जा रहा है।