लंदन, एजेंसी। न्यू ईयर पर बहुत से लोग कुछ नया करने और कुछ पुरानी बुरी आदतों को छोड़ने का प्रण लेते हैं। ऐसे में अगर आप शराब छोड़ने का मन बना रहे हैं तो ये सबसे सही समय है। लंदन में हुए एक ताजा शोध में पता चला है कि अगर आप नए साल पर जनवरी में शराब न पीने का चैलेंज लेते हैं तो ये साल भर आपकी शराब की लत को नियंत्रित करने में मददगार साबित होता है। इससे आपको शराब पीने और शराब पर खर्च करने पर नियंत्रण मिलता है। साथ ही स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।

लंदन की एक यूनिवर्सिटी में किए गए इस शोध में 800 ऐसे लोगों पर अध्ययन किया गया जिन्होंने जनवरी 2018 में शराब न पीने का प्रण लिया था। अध्ययन में पता चला कि इनमें से ज्यादातर लोगों ने अगस्त-2018 तक बहुत कम शराबी पी या बिल्कुल नहीं पी। इससे प्रति माह इनके नशे में रहने की अवधि भी कम हो गई। साफ है कि जनवरी में शराब छोड़ने का वादा आपको लंबे समय तक बहुत कम शराब पीने या बिल्कुल भी न पीने के लिए प्रेरित करता है। इस वादे का मानसिक असर अगस्त महीने तक बरकरार रहता है।

खुद से किए गए इस वादे के कुछ तात्कालिक फायदे भी हैं। दस में से नौ लोग इस वादे के साथ अपने खर्चों में काफी बचत करते हैं। दस में से सात लोगों को नींद अच्छी आती है और पांच में से तीन लोगों को अपना वजन कम करने में मदद मिलती है। इस तरह का परिवर्तन उन प्रतिभागियों में भी देखा गया है जो खुद को पूरे महीने (जनवरी में) शराब पीने से नहीं रोक सके। शराब छोड़ने की उनकी अवधि अन्य प्रतिभागियों की तुलना में काफी कम रही। हालांकि उनमें आया परिवर्तन थोड़ा कम रहा। शोधकर्ताओं के अनुसार इससे हमें नए साल पर शराब का सेवन बंद करने का प्रण लेने के फायदे साफ तौर पर नजर आते हैं। शोध में पता चला है कि 88 प्रतिशत प्रतिभागियों ने रुपये बचाए। 70 फीसद का स्वास्थ्य अच्छा हुआ। 71 प्रतिशत ने बढ़िया नींद ली और 58 प्रतिशत ने अपना वजन कम किया।

नए साल पर लें स्वस्थ्य जीवन का प्रण, हुंजा वैली में छिपा है राज
नए साल पर बहुत से लोग अपने स्वास्थ्य में सुधार लाने का भी प्रण लेते हैं। इसके लिए कोई योगा करने तो कोई सैर करने तो कोई खान-पान सुधारने का प्रण लेता है। अगर आप भी अपने स्वास्थ्य में सुधार लाना चाहते हैं तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) की हुंजा वैली आपके लिए सटीक उदाहरण हो सकती है। ये हुंजा घाटी गिलगित-बाल्टिस्तान के पहाड़ों में है। ये भारत और पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा के पास है। इस हुंजा घाटी को युवाओं का नखलिस्तान कहा जाता है।

हुंजा वैली में स्वस्थ्य और लंबी उम्र का राज छिपा है। यहां के लोगों की जीवनशैली इतनी अच्छी है कि उन्होंने दुनिया की ज्यादातर गंभीर बीमारियों का नाम भी नहीं सुना है। यहां के लोगों की औसत आयु 120 वर्ष तक है। माना जाता है कि हुंजा वैली में दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाएं रहती हैं, जो 60-65 वर्ष की आयु में भी 20 वर्ष की लगती हैं और इस उम्र में भी आसानी से बच्चों के जन्म दे लेती हैं। यहां के लोगों की लंबी और स्वस्थ जिंदगी देखकर दुनिया के कई देश यहां पर रिसर्च कर चुके हैं।

ये है हुंजा वैली का राज
इन रिसर्च में कहा गया है कि हुंजा वैली में प्रदूषण बिल्कुल नहीं है। वहां की हवा और पानी एकदम शुद्ध है। वैली में बहुत ज्यादा विकास नहीं हुआ है, इस वजह से लोगों को काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। यहां के लोग बहुत मेहनती होते हैं। ये लोग कुछ महीने तक केवल खुबानी खाकर रहते हैं। ये लोग खूबानी के अलावा मेवे, सब्जियां और अनाज में जौ, बाजरा और कूटू खाते हैं। इन सभी चीजों से उन्हें फाइबर और प्रोटीन के साथ-साथ शरीर के लिए जरूरी सभी मिनरल्स मिलते हैं। साफ है कि यहां के लोग प्रकृति के काफी करीब हैं और ज्यादातर प्राकृतिक चीजें ही खाते हैं। इनके खाने में प्रोटीन व मिनरल्स की भरमार होती है। इन सबके अलावा ये बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं। इसीलिए इस घाटी में अब तक मोटापा भी नहीं आया है।

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Posted By: Amit Singh

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