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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'11 लाख बच्चों को खसरे का टीका न लगने की रिपोर्ट फर्जी', स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- रिपोर्ट्स तथ्य पर आधारित नहीं हैं

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Sat, 18 Nov 2023 07:23 PM (IST)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 11 लाख बच्चों को टीका न लगने की रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है। विश्व स्वास्थ्य ...और पढ़ें

11 लाख बच्चों को टीका न लगने की रिपोर्ट फर्जी : स्वास्थ्य मंत्रालय (प्रतीकात्मक तस्वीर)
11 लाख बच्चों को टीका न लगने की रिपोर्ट फर्जी : स्वास्थ्य मंत्रालय (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. 11 लाख बच्चों को टीका न लगने की रिपोर्ट फर्जी : स्वास्थ्य मंत्रालय
  2. रिपो‌र्ट्स तथ्य पर आधारित नहीं है : स्वास्थ्य मंत्रालय
  3. तकरीबन 11 लाख बच्चों को 2022 में खसरे के टीके की पहली खुराक नहीं मिली

पीटीआई, नई दिल्ली। गत वर्ष 11 लाख बच्चों को खसरा से बचाव को पहला टीका न लगने का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट को शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय ने खारिज कर दिया।

2022 में 11 लाख बच्चों को नहीं मिली टीके की पहली खुराक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएस सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में मीडिया रिपोर्टों के हवाले से आरोप लगाया गया है कि भारत में तकरीबन 11 लाख बच्चों को 2022 में खसरे के टीके की पहली खुराक नहीं मिली। मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि ये रिपो‌र्ट्स तथ्य पर आधारित नहीं है।

मंत्रालय के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) के अनुसार, पात्र 2,63,84,580 बच्चों में से 2,63,63,270 बच्चों को खसरा युक्त वैक्सीन (MCV) की पहली खुराक मिली। वित्तीय वर्ष 2022-23 (अप्रैल 2022 से मार्च 2023) में महज 21,310 बच्चे एमसीवी की पहली खुराक नहीं मिल सकी।

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सरकार ने बच्चों को एमसीवी देने के लिए की कई पहल

इसके अतिरिक्त सरकार ने राज्यों के साथ समन्वय कर सभी बच्चों को एमसीवी देने की कई पहल कीं। वर्ष 2021 और 2022 में सभी बच्चों का टीकाकरण करने के लिए सघन इंद्रधनुष मिशन चलाए गए। इसके अतिरिक्त कई राज्यों में विशेष टीकाकरण अभियान भी चलाए गए।

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