नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। बेंगलुरु में विस्फोट करने वाले आतंकियों का अभी सुराग नहीं मिल पाया है लेकिन संदेह की सुई पिछले साल मध्य प्रदेश की खंडवा जेल की भागे सिमी के पांच आतंकियों पर टिकी हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई वरिष्ठ खुफिया व सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को जांच सौंपने का फैसला नहीं हो पाया। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जरूरत पडऩे पर एनआइए को जांच सौंपने का फैसला बाद में लिया जाएगा। इस बीच गृह मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार से विस्फोट पर रिपोर्ट तलब की है।

शुरुआती जांच में विस्फोट के लिए सल्फर मिलने की पुष्टि हुई है, जिसमें कुछ नाइट्रेट के अंश भी मिले हैं। विस्फोटक के लिए किन चीजों का इस्तेमाल किया गया इसकी पूरी जानकारी एक-दो दिनों में पूरी जांच के बाद ही मिल पाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विस्फोटक एक पाइप में भरा गया था और उसे पैक कर रखा गया था। बहुत ही कम तीव्रता वाले ऐसे विस्फोट करना सिमी के भगोड़े आतंकियों की पहचान रही है। इसके पहले ये आतंकी मई में चेन्नई में टे्रन में और जुलाई में पुणे में ऐसे ही विस्फोट कर चुके हैं। सितंबर में ये पांचों आतंकी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में इसी तरह का विस्फोटक बना रहे थे, लेकिन बनाते समय ही धमाका होने का उनकी साजिश ध्वस्त हो गई थी।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन पांचों आतंकियों के दक्षिणी भारत में होने और कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में आतंकी हमला करने की खुफिया जानकारी थी और इस संबंध में 17 दिसंबर को ही सभी राज्यों को सतर्क कर दिया था। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु धमाके के विस्फोटक को एक तेलुगु अखबार के स्थानीय संस्करण में लपेटा गया था। इससे साफ है कि इसे बेंगलुरु में ही बनाया गया था। ध्यान देने की बात है कि बिजनौर में ये आतंकी माचिस की तीलियों से विस्फोटक बना रहे थे। उनके छिपने के स्थान से बाद में पुलिस को सैकड़ों माचिस के खाली बाक्स मिले थे। इसके साथ ही बेंगलुरु में विस्फोट के लिए इस्तेमाल घड़ी चेन्नई टे्रन धमाके में उपयुक्त घड़ी से काफी मिलती जुलती है।

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद गृह मंत्री सिंह ने कहा कि वे जांच में राज्य सरकार को हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कर्नाटक के साथ-साथ अन्य राज्यों को बड़े शहरों में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह दी। बताया जाता है कि उन्होंने खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों को सिमी के फरार पांचों आतंकियों को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने का निर्देश दिया है।

सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये इनाम

पुलिस ने शहर के मशहूर रेस्तरां कोकोनट ग्रोव के बाहर रविवार की रात बम रखने वाले की सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। सूचना प्रौद्योगिकी के गढ़ माने जाने वाले इस शहर में गत एक दशक में यह पांचवां आतंकी विस्फोट है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने भी सिमी के आतंकियों का हाथ होने की आशंका जताई है। धमाके में चेन्नई की एक महिला भवानी (38) की मौत हो गई है और तीन अन्य घायल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के गृहमंत्री केजे जॉर्ज और शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं हाल में मध्य प्रदेश की जेल से सिमी के कुछ लोग भागे हैं। हमें ऐसी जानकारी मिली है कि वे कर्नाटक आए थे। इसलिए पुलिस हर नजरिये से छानबीन कर रही है।' सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश देने के साथ खुफिया एवं साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता मुहैया कराने के लिए 40 इंजीनियरों को नियुक्त करने की भी घोषणा की गई है।

विस्फोट की जिम्मेदारी लेने वाले ट्वीट के बाद पुलिस ने की अपील

बेंगलुरु। रविवार की रात यहां हुए विस्फोट की जिम्मेदारी देने का दावा करने एवं और विस्फोट की धमकी देने वाले एक ट्वीट के बाद शहर की पुलिस ने जनता से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

शहर की अपराध शाखा पुलिस ने एक ट्वीट में कहा है कि पुलिस 'लेटेस्टअब्दुल' के ट्वीट्स से वाकिफ है। उनकी जांच की जा रही है। घबराने का कोई कारण नहीं है। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें। शहर के पुलिस आयुक्त एमएन रेड्डी ने कहा कि इस तरह के ट्वीट्स को महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। जो भी ऐसी खुली धमकी दे रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस विस्फोट की विशेष जांच टीम का नेतृत्व कर रहे बेंगलूर के अपर पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा है कि बेंगलुरु की स्थिति शांतिपूर्ण है। कुछ तत्व अफवाह फैला रहे हैं। उन पर ध्यान न दें। कुछ भी संदिग्ध दिखे तो 100 नंबर पर फोन करें।

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संदिग्धों पर रहेगी कड़ी नजर

Edited By: Sachin k