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    ग्वालियर में इंदौर सरीखे हाल... सुरेश नगर में 20 साल से गंदे पानी की त्रासदी झेलने को मजूबर रहवासी, जीवन बना नरक

    By Harsh SrivastavaEdited By: Ravindra Soni
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:44 PM (IST)

    इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों के बाद ग्वालियर के सुरेश नगर में भी ऐसी ही स्थिति है। यहां के निवासी 20 सालों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं क्योंकि ...और पढ़ें

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    ग्वालियर के सुरेश नगर में गंदे नाले में लगे पाइपों से मोटर लगाकर पानी भरने को मजबूर हैं रहवासी। 

    डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई 16 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी है, लेकिन ग्वालियर के वार्ड 23 स्थित सुरेश नगर में हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। यहां के लोग मजबूरी में गंदा और दूषित पानी पी रहे हैं। वजह यह है कि इलाके की पानी की पाइपलाइन नाले से होकर गुजरती है, जिसमें से लोग मोटर लगाकर पानी भरने को विवश हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं, बल्कि बीते 20 वर्षों से चली आ रही है। सुरेश नगर में बनी सरकारी मल्टी के चारों ओर कचरे के ढेर लगे हैं। हर समय बदबू और गंदगी के बीच लोगों को जीवन गुजारना पड़ रहा है।

    गंदगी और बदबू में कैद जिंदगी

    शहर के कई हिस्सों में टूटी पाइपलाइन और गंदे पानी की समस्या आम हो चुकी है। सरकारी मल्टी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि गंदगी और बदबू के बीच रहना उनकी मजबूरी बन गई है। सुबह उठते ही चारों ओर फैला कचरा और बहता गंदा पानी दिखाई देता है। बच्चों का बाहर खेलना तक मुश्किल हो गया है।

    बीमारियों का डर हमेशा बना रहता है, लेकिन इलाज का खर्च गरीब परिवारों की परेशानी और बढ़ा देता है। दूषित पानी के कारण यहां रहने वाले अधिकांश लोग पेट संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं, ठोस समाधान आज तक नहीं हुआ।

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    लोगों की मांग

    • सुरेश नगर की सरकारी मल्टी में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
    • रोजाना कचरे का उठाव सुनिश्चित हो। 
    • नालियों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
    • पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच कर शुद्ध जल की आपूर्ति की जाए। 

    लोगों का कहना है कि गंदे पानी और गंदगी के कारण आए दिन समस्याएं बढ़ रही हैं।

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    शहर के अन्य इलाकों में भी हाल बेहाल

    • वार्ड 12 के नौ, 10, 11, 12, 13, 14 और 50 क्वार्टर में सीवर की समस्या के चलते कई बार नलों से गंदा पानी आ जाता है।
    • वार्ड 16 के रेशममिल, चंदनपुरा सहित अन्य इलाकों में सीवर की समस्या लगातार बनी रहती है।
    • वार्ड 9, 10, 21, 29, 34, 38, 39 और 65 में भी यह समस्या वर्षों से बनी हुई है।

    पार्षद का आरोप

    वार्ड 23 के पार्षद सुरेश सिंह सोलंकी का कहना है कि वे शासन-प्रशासन के सामने कई बार वार्ड की समस्याएं उठा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवर ठेकेदार को पूरा भुगतान होने के बावजूद वार्ड में कोई काम नहीं किया जा रहा।

    पार्षद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके वार्ड में इंदौर जैसी कोई घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीवर ठेकेदार की होगी। उनका कहना है कि वार्डवासी गंदा पानी पीकर घुट-घुटकर जीवन जीने को मजबूर हैं।