इंदौर दूषित जल कांड: निगमायुक्त को भेजा नोटिस, अपर आयुक्त हटाए गए, सीएम की नाराजगी के बाद एक्शन
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारी के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने मुख्य सचिव के साथ स्थिति की समीक्षा की। ...और पढ़ें

सीएम डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के सर्वाधिक स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से उपजी त्रासदी को लेकर शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा की और जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अपर आयुक्त नगर निगम इंदौर रोहित सिसोनिया को हटाकर मंत्रालय में उपसचिव कृषि पदस्थ किया है। वहीं जिला पंचायत खरगोन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आलीराजपुर प्रखर सिंह और उप परिवहन आयुक्त इंदौर आशीष कुमार पाठक को अपर आयुक्त नगर निगम इंदौर पदस्थ किया गया है। यानी अब इंदौर नगर निगम में तीन अपर आयुक्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।
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कोर्ट में पेश की रिपोर्ट
इससे पहले, इंदौर में दूषित पानी से मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश कर दी।
दूषित जल की वजह से 15वीं मौत
गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी की वजह से शुक्रवार को एक और बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला का अरविंदो अस्पताल में इलाज चल रहा था।
2800 लोग बीमार
उधर, बीमार होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को 338 नए मरीज मिले हैं। अभी-भी 32 मरीज विभिन्न अस्पतालों में आईसीयू में भर्ती है। अब तक करीब 2800 मरीज सामने आ चुके हैं।

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