बाबा बर्फानी के दर्शन को Amarnath Yatra का बना रहे हैं प्लान, तो जान लें इससे जुड़ी पूरी डिटेल
अमरनाथ यात्रा हर साल गर्मियों में शुरू होती है। यहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। इसका इतिहास भी बेहद पुराना है। इस बार अमरनाथ 3 जुलाई से शुरू हाे रही है। इसके लिए आज से पंजीकरण शुरू हो गए हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप भी कर अमरनाथ यात्रा पर जाने का अपना ख्वाब पूरा कर सकते हैं।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी अमरनाथ यात्रा का इंतजार भक्तों को बेसब्री से है। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। यात्रा 9 अगस्त तक चलेगी। आज यानी कि 14 अप्रैल से यात्रा का पंजीकरण श्रद्धालु करा सकेंगे। इस बार भक्तों को पूरे 39 दिन बाबा बर्फानी के दर्शन करने का मौका मिलेगा।
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है। रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है। इसके अलावा देशभर के कुछ चिन्हित केंद्रों जैसे वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी उपलब्ध है।
जरूरी है स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
रजिस्ट्रेशन के लिए एक अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी जरूरी होता है। ये ज्यादातर मेडिकल संस्थान जारी करते हैं। इस बार प्रतिदिन सिर्फ 15,000 यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन का शुल्क 220 रुपए रखा गया है। आपको बता दें कि दक्षिण कश्मीर हिमालय की वादियों में बसा पवित्र अमरनाथ गुफा पहलगाम से लगभग 29 किलोमीटर की दूरी पर है।
यहां पहुंचने के लिए दो मुख्य मार्ग
यह गुफा साल के ज्यादातर समय बर्फ से ढकी रहती है। गर्मी के कुछ महीनों में जब रास्ता खुलता है तभी श्रद्धालु यहां आकर बर्फ के शिवलिंग के दर्शन करते हैं। यहा पहुंचने के लिए दो मुख्य मार्ग हैं।
- पहलगाम मार्ग (29 किलोमीटर): यह रास्ता थोड़ा लंबा है लेकिन सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं।
- बालटाल मार्ग (15 किलोमीटर): यह छोटा रास्ता है लेकिन ये बेहद कठिन माना जाता है। क्योंकि इसमें चढ़ाई तीव्र होती है। इस रास्ते पर वही लोग जा सकते हैं जो मेंटली और फिजिकली फिट हों।
कैसे पहुंचे?
- हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा Shrinagar International Airport है। यहां से पहलगाम (90 किमी) या बालटाल/सोनमर्ग (100 किमी) तक सड़क मार्ग से जाया जा सकता है।
- रेल मार्ग: सबसे पास का रेलवे स्टेशन जम्मू तवी है, यहां से टैक्सी या बस के जरिए श्रीनगर या सीधे पहलगाम/बालटाल पहुंचा जा सकता है।
- सड़क मार्ग: जम्मू, श्रीनगर, पहलगाम और बालटाल अच्छी सड़क सुविधाओं से जुड़े हुए हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध
2024 की तरह 2025 में भी हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। बालटाल मार्ग के लिए यह सेवा नीलग्राथ-पंजतरनी-नीलग्राथ सेक्टर में उपलब्ध हो सकती है। पहलगाम मार्ग के लिए पहलगाम-पंजतरनी-पहलगाम सेक्टर में हेलीकॉप्टर सेवा की संभावना है। हालांकि 2025 की हेलीकॉप्टर बुकिंग अभी शुरू नहीं हुई है।
ये लोग नहीं कर सकते हैं यात्रा
- 13 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से ज्यादा आयु वाले बुजुर्गों को यात्रा करने की अनुमति नहीं है।
- गर्भवती महिलांए भी तीर्थयात्रा पर नहीं जा सकती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- यात्रा के दौरान नंगे पैर न चलें और ऊनी कपड़ों के बिना न रहें।
- महिलाओं को साड़ी के बजाय सलवार कमीज, पैंट-शर्ट या ट्रैक सूट पहनने की सलाह दी जाती है।
- मार्ग पर कोई छोटा रास्ता नहीं चुनना चाहिए, क्योंकि वह खतरनाक हो सकता है।
- खाली पेट यात्रा न करें।
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