अपनी खूबसूरती और बनावट के मशहूर हैं दुनिया के ये नायाब हीरे, जानें भारत से इनका कनेक्शन
कोहिनूर हीरे के बारे में काफी लोग जानते होंगे लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में ऐसे कई नायाब हीरे हैं जो अपने रंग और खूबसूरती की वजह से इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। इनके पीछे की कहानी इन हीरों के चमक जितनी ही अनोखी है। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही हीरों के बारे में।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया में काफी हीरे हैं, लेकिन कुछ इतने नायाब हुए जिनका अनोखा रंग, खूबसूरती, बनावट, शुद्धता, आकार और ऐतिहासिक महत्व ने उन्हें प्रसिद्ध बनाया। बाद में उन हीरों ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा और नीलामी में मुंहमांगी कीमत पाई।
उन हीरों के नाम के साथ किसी व्यक्ति, उसके मिलने का स्थान या उस देश की पहचान जुड़ गई। कुछ हीरों के साथ रहस्यमयी कहानियां भी जुड़ी हुई हैं, जो किसी उथल-पुथल भरे इतिहास की ओर भी इशारा करती हैं। आइए आपको भी इन नायाब हीरों से मिलवाते हैं।
होप डायमंड
आंध्रप्रदेश के गोलकुंडा में स्थित कोल्लुर खदान से त्रिभुजाकार और अनगढ़ शेप का हीरा पाया गया था। इस हीरे को फ्रेंच यात्री जीन टैवर्नियर ने “ब्यूटीफुल वॉयलेट” नाम दिया। उसने इस हीरे को फ्रांस के राजा किंग लुईस को बेच दिया। इसके बाद कई हाथों से बिकता हुआ यह हीरा 1839 में हेनरी फिलिप होप के जाने-माने जेम कलेक्शन कैटलॉग में जा पहुंचा, जिनके नाम पर इस हीरे का नाम होप डायमंड पड़ा। वैसे इस कैटलॉग से पता नहीं चल पाया कि उन्होंने यह हीरा किससे और कितने में खरीदा। इस दौरान हीरे को कई बार शेप भी दिया गया।
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कोहिनूर की दास्तां
पर्शियन भाषा में कोहिनूर का मतबल होता है, ‘प्रकाश का पर्वत’ (mountain of light)। यह भी एक प्रसिद्ध हीरा है, जिससे जुड़े किस्से काफी दिलचस्प रहे हैं। मूल रूप से भारत में पाए गए इस हीरे को अलग-अलग राजाओं ने सदियों तक अपने दरबार की शान बनाए रखा। उनमें पर्शियन और ब्रिटिश शासक भी शामिल थे। इस हीरे को अपने आकार (अब 105.6 कैरेट) और अलग-अलग रोशनी में रंग बदलने की अपनी क्षमता की वजह से जाना जाता है। यह ब्रिटिश क्राउन का हिस्सा है और इसे टॉवर ऑफ लंदन में रखा गया है।
हरे रंग का हीरा
यह ग्रीन डायमंड अपने अद्भभुत हरे रंगे की वजह से जाना जाता है, जो कि नेचुरल रेडिएशन की वजह से ऐसा है। लगभग 41 कैरेट के इस हीरे का काफी लंबा इतिहास रहा है। कभी ढेरों यूरोपियन शासकों की शान बढ़ा चुका यह ग्रीन डायमंड अब जर्मनी के ड्रेसडेन म्यूजियम में रखा हुआ है।
ओरलोव डायमंड
इसे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध हीरों में से एक माना जाता है और इससे जुड़ी कहानियां भी काफी दिलचस्प हैं। ऐसा कहा जाता है ओरलोव डायमंड और मुगल डायमंड एक ही है। भारत में मिले इस हीरे की कहानी दक्षिण के एक मंदिर की मूर्ति से भी जोड़कर देखी जाती है। अब यह हीरा रूस के शाही राजदंड में क्रेमलिन शास्त्रागार में रखा हुआ है।
सबसे कीमती हीरा
गुलाबी रंग के इस अद्भुत हीरे पर पूरी दुनिया की नजर तब पड़ी जब एक नीलामी के दौरान इसे अब तक सबसे महंगा हीरा माना गया। 59.6 कैरेट के इस हीरे पर 2017 में हांगकांग की एक नीलामी में 71.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर (608.33 करोड़) की अविश्वसनीय बोली लगाई गई।
द ब्लू मून डायमंड
अपने तेज नीले रंग और पारदर्शिता की वजह से इस हीरे को दुनिया के सबसे बहुमूल्य हीरों में से एक माना गया है। इसका नाम ही ईद का चांद जैसे मुहावरे से प्रेरित है, जो अपने आप में ही अपने दुर्लभ होने की कहानी कहता है। साल 2015 में एक नीलामी के दौरान यह हीरा 48.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर (413.52 करोड़) की रिकॉर्ड ब्रेकिंग कीमत पर बिका था।
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