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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या होता है Meningitis? इन लक्षणों से करें इस बीमारी पहचान; लापरवाही न पड़ जाए भारी

Published: Mon, 23 Jun 2025 12:53 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 23 Jun 2025 03:14 PM (GMT+05:30)

मेनिनजाइटिस एक गंभीर और जानलेवा दिमागी बुखार है जो बैक्टीरिया या वायरस के कारण होता है, जिससे मस्तिष्क और रीढ़ ...और पढ़ें

मेनिनजाइटिस के लक्षण (Image Credit- Freepik)

मेनिनजाइटिस के लक्षण (Image Credit- Freepik)

HighLights

  1. मेनिनजाइटिस एक जानलेवा बीमारी है। 

  2. इसमें ब्रेन की मेमब्रेन में इन्फेक्शन हो जाता है।

  3. इसके लक्षणों काे पहचानना जरूरी है।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली। मेनिनजाइटिस एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है। मेनिनजाइटिस को दिमागी बुखार भी कहते हैं। इसके लक्षण दिखने के कुछ ही घंटे में व्यक्ति की जान चली जाती है। आपको बता दें क‍ि ये बीमारी बैक्टीरिया के कारण फैलती है।

ये एक तरह का दिमागी बुखार है, जिसके वायरस एक से दूसरे इंसान में आसानी से पहुंच जाते हैं। हालांक‍ि इससे बचाव के ल‍िए बचपन में ही वैक्‍सीन लगवाया जाता है। अगर ये बीमारी होती है ताे मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है। आज का हमारा लेख भी इसी वि‍षय पर है। हम आपको अपने इस लेख में मेनिनजाइटिस के बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी देने जा रहे हैं। साथ ही इसके लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में भी जानेंगे। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से -


क्‍या ह‍ै Meningitis?

क्‍लीवलैंड क्‍लीन‍िक के मुताब‍िक, मेनिनजाइटिस में ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड की सुरक्षा करने वाली मेमब्रेन ( ज‍िसे मेनिन्जेस कहते हैं) में सूजन आ जाती है। इस मेमब्रेन में कई ब्लड वेसल्स और फ्लूड मौजूद होते हैं। जब इनमें इन्फेक्शन हो जाता है तो उस बीमारी को मेनिनजाइटिस कहा जाता है। इसे स्पाइनल मेनिनजाइटिस या ब्रेन फीवर भी कहते हैं।

क्‍यों खतरनाक है ये बीमारी

इस बीमारी को इसल‍िए खतरनाक माना जाता है क्‍योंक‍ि इसके कारण शरीर पर कई हानिकारक असर देखने को म‍िलते हैं। अगर सही समय पर इसका इलाज न किया गया तो मेनिनजाइटिस से जूझ रहे मरीज की मौत हो जाती है। मेनिनजाइटिस के कारण सुनने की क्षमता हमेशा के लिए जा सकती है। कोई भी चीज याद रखने में द‍िक्‍कत होती है। किडनी भी फेल होने का खतरा रहता है।

कई तरह की होती है ये बीमारी

  • बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस
  • वायरल मेनिनजाइटिस
  • फंगल मेनिनजाइटिस
  • परजीवी मेनिनजाइटिस
  • प्राथमिक अमीबिक मेनिनजाइटिस
  • क्रोन‍िक मेनिनजाइटिस

कैसे होती है ये बीमारी

बाहर का दूषित खाना खाने के कारण इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। किसी मरीज के संपर्क में आने से भी ये फैल सकता है। कान, नाक या गले में हुए इन्फेक्शन के कारण भी बैक्टीरिया या वायरस दिमाग तक पहुंच सकते हैं। इन सभी कारणों से मेनिनजाइटिस हो सकता है।

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क्या हैं मेनिनजाइटिस के लक्षण

  • तेज बुखार आना
  • गर्दन का अकड़ जाना
  • तेज सिरदर्द होना
  • मतली और उल्टी आना
  • फोकस करने में परेशानी
  • बेचैनी महसूस होना
  • जरूरत से ज्‍यादा नींद आना
  • रोशनी से द‍िक्‍कत हाेना
  • भूख न लगना
  • स्‍क‍िन पर रैशेज होना

क‍िन्‍हें होता है ज्‍यादा खतरा?

ये बीमारी ज्‍यादातर बच्‍चों में देखने को म‍िलती है। खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्‍चों में। क्‍योंक‍ि इनकी इम्‍युन‍िटी काफी कमजोर होती है। ऐसे में ये बीमारी आसानी से बच्‍चों को चपेट में ले लेती है।

कैसे करें बचाव?

घर में छोटे बच्चों और बाकी लोगों को भी मेनिनजाइटिस का वैक्‍सीन जरूर लगवाना चाह‍िए। वहीं खांसते या छींकते समय मुंह पर रुमाल रखना न भूलें। इसके बलावा आपको अपने आसपास सफाई रखने की जरूरत है।

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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।