8 घंटे नींद का नियम सबके लिए सही नहीं! जानिए आपकी उम्र के लिए कितना सोना है जरूरी
एक हालिया स्टडी के अनुसार रात 10 बजे से 11 बजे के बीच सोना हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है। इस स्टडी में हर उम्र के लोगों के लिए का समय और घंटे भी बताया गया। यह नींद का समय शरीर की नेचुरल रिदम के साथ मेल खाता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। नींद का सही समय और घंटे सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। यह तो हम सभी जानते हैं कि हेल्दी और फ्रेश रहने के लिए अच्छी और पूरी नींद जरूरी है। नींद का हमारी सेहत पर गहरा असर पड़ता है। नींद पूरी करने से सेहत को कई तरह से फायदे मिलते हैं, वहीं अगर आप लगातार अपनी नींद पूरी नहीं कर रहे हैं, तो इससे आपको सेहत जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। अक्सर जब भी नींद पूरी करने की बात आती है, तो लोग सिर्फ नींद के घंटों पर ध्यान देते हैं।
हालांकि, हेल्दी रहने के लिए सिर्फ नींद के घंटे ही नहीं, बल्कि नींद का समय भी मैटर करता है। हाल ही में एक स्टडी सामने आई हैं, जिसमें इस बारे में पता चला है। इस स्टडी के मुताबिक नींद का समय सिर्फ आराम से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह आपके पूरे स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा है। इसलिए हर उम्र के व्यक्ति के लिए सोने का अपना तय समय और घंटे होते हैं। आइए जानते हैं इस स्टडी के बारे में विस्तार से और जानेंगे क्या है हर उम्र के लिए सोने का सही समय-
क्या कहती है स्टडी?
यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग रोजाना रात 10 बजे से 11 बजे के बीच सो जाते थे, उनमें हार्ट डिजीज होने का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम था जो जल्दी या देर से सो रहे थे। यह साबित करता है कि अपने सोने के समय को अपने शरीर की नेचुरल रिदम के साथ मैच करने से आपके हार्ट की रक्षा हो सकती है और पूरे स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
स्टडी में यह भी पता चला कि उम्र के साथ सोने का सही समय भी बदलता रहता है। बच्चों को बेहतर विकास के लिए ज्यादा नींद की जरूरत होती है, वहीं किशोर स्वाभाविक रूप से देर तक जागते हैं, वयस्कों को प्रोडक्टिविटी और आराम के बीच संतुलन की जरूरत होती है और बुजुर्गों को जल्दी सोने से फायदा मिलता है। आइए जानते हैं किस उम्र के लोगों को कितने बजे सोने मिलता है फायदा-
बच्चे (5-12 साल)
- सोने का समय: शाम 7:30- 9:00 बजे
- कितने घंटे की नींद जरूरी: 9-12 घंटे
बच्चों को बेहतर विकास, सीखने और इमोशनल स्टेबिलिटी के लिए पर्याप्त नींद की जरूरत होती है। इसलिए जल्दी और नियमित समय पर सोने से मूड, एकाग्रता और इम्युनिटी में सुधार करने में मदद मिलती है। वहीं नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, फोकस करने में कमी और यहां तक कि वजन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
टीनएजर्स (13-18 साल)
- सोने का समय: रात 10:30-11:30 बजे
- कितने घंटे की नींद जरूरी: 8-10 घंटे
किशोरों को अक्सर अपनी स्लीप साइकिल में एक नेचुरल बदलाव का अनुभव होता है, जिससे वे रात में ज्यादा जागते हैं। सोने का नियमित समय बनाए रखने से यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें ब्रेन के विकास, मूड रेगुलेशन और पढ़ाई में अच्छा परफॉर्म के लिए पर्याप्त आराम मिले।
एडल्ट्स (18-64 साल)
- सोने का समय: रात 10:00-11:00 बजे
- कितने घंटे की नींद जरूरी: 7-9 घंटे
वयस्कों को अपनी सर्कैडियन रिदम के मुताबिक रहने के लिए सोने का निश्चित समय तय करना चाहिए। ऐसा न करने की वजह से थकान, प्रोडक्टिविटी में कमी और हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
वृद्ध वयस्क (65+ साल)
- सोने का समय: रात 9:00-10:00 बजे
- कितने घंटे की नींद जरूरी: 7-8 घंटे
वृद्ध वयस्क अक्सर जल्दी जाग जाते हैं और उनकी स्लीप साइकिल छोटी हो जाती है। जल्दी सोना उनकी नेचुरल सर्कैडियन रिदम के मुताबिक होता है और हार्ट हेल्थ, मेंटल क्लिएरिटी और पूरे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
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Source:
- European Heart Journal: https://academic.oup.com/ehjdh/article/2/4/658/6423198?login=false
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