यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या आप भी अक्सर ज्यादा सोकर मिटाते हैं अपनी थकान, तो यहां जानें Oversleeping के डराने वाले नुकसान
हेल्दी रहने के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी होती है। आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद हेल्दी रहने ...और पढ़ें

HighLights
- सेहतमंद रहने के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है।
- हालांकि, कम नींद के साथ ही ज्यादा सोना भी खतरनाक है।
- ज्यादा सोने की वजह से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सेहतमंद रहने के लिए अच्छा खानपान और रेगुलर एक्सरसाइज बेहद जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही एक अच्छी और पूरी नींद (Side effects of oversleeping) भी बहुत ज्यादा जरूरी होती है। जिस तरह हमारे खानपान का हमारी सेहत पर असर पड़ता है, ठीक उसी तरह हमारी नींद का भी सेहत पर गहरा असर पड़ता है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी हमेशा नींद पूरी करने की सलाह देते हैं। आमतौर पर 26 साल या उससे ज्यादा की उम्र वाले लोगों के लिए रोजाना रात में सात से नौ घंटे की नींद पर्याप्त है।
हालांकि, कई बार लोग कुछ वजहों से अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते, जिससे सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है। जिस तरह कम सोना सेहत को नुकसान पहुंचाता है, उसी तरह जरूरत से ज्यादा सोना भी आपको बीमार बना सकता है। लोग अक्सर अपनी नींद पूरी करने या थकान मिटाने के लिए ज्यादा सोना पसंद करते हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा सोने से भी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिसके बारे में लोग कम ही जानते हैं। आइए फरीदाबाद स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी डायरेक्टर डॉ. विनित बंगा से जानते हैं ज्यादा सोने से होने वाले नुकसान।
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हार्ट डिजीज
ज्यादा सोने से दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। कुछ शोध से पता चलता है कि दस घंटे या उससे ज्यादा सोने से स्ट्रोक से मौत का खतरा 56% और हार्ट डिजीज से मौत का 49% ज्यादा जोखिम होता है।
डिप्रेशन
ज्यादा सोना अक्सर मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं या डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। आमतौर पर डिप्रेशन या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं वाले ज्यादातर लोग अनिद्रा से जूझते हैं, वहीं लगभग 15% लोग ज्यादा सोने की आदत रखते हैं।
टाइप 2 डायबिटीज
ज्यादा सोने की वजह से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। दरअसल, बहुत ज्यादा नींद से डायबिटीज या इम्पेयर्ड ग्लूकोज सेंसिविटी विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे आठ घंटे से ज्यादा सोने से यह जोखिम 2.5 गुना बढ़ जाता है।
इनफर्टिलिटी
यह तो ज्यादातर लोग जानते हैं कि अपर्याप्त नींद फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती है, लेकिन कई लोग यह नहीं जानते कि ज्यादा सोने से भी इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। शोध से पता चलता है कि ज्यादा सोने से प्रेंग्नेट होने की संभावना कम हो सकती है।
वेट गेन
अगर आप 10 घंटे से ज्यादा सोते हैं, तो इससे वजन बढ़ने का खतरा बना रहता है। ज्यादा सोने का संबंध हाई बीएमआई और वजन बढ़ने से है। रोजाना रात नौ घंटे से ज्यादा सोना, दिन में लंबे समय तक बैठना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी वजन बढ़ने का खतरा बढ़ाती है।
