एक्सराइज और डाइट के बावजूद नहीं कम हो रहा वजन, तो खराब नींद हो सकती है इसके पीछे की वजह
अगर आप रोज एक्सरसाइज करते हैं सही खाना खाते हैं लेकिन वजन फिर भी कम नहीं हो रहा तो अब आपको अपनी स्लीप साइकिल पर ध्यान देना चाहिए। जी हां नींद की कमी या खराब नींद भी वजन बढ़ने का एक अहम कारण हो सकती है। इसलिए अगर आप वेट लॉस करना चाहते हैं (Weight Loss Tips) तो आपको नींद और वजन के बीच का कनेक्शन जरूर जानना चाहिए।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नींद हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, जो न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहद जरूरी है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी (Lack of Sleep) एक आम समस्या बन गई है।
क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी न केवल थकान और तनाव का कारण बनती है, बल्कि यह वजन बढ़ने (Weight Gain) का भी एक बड़ा कारण (Poor Sleep Causes Weight Gain) हो सकती है? जी हां, अच्छी नींद न लेना या नींद की कमी आपके वजन को प्रभावित कर सकती है। आइए इसके पीछे के कारणों को समझते हैं।
हार्मोनल असंतुलन
नींद की कमी हमारे शरीर में हार्मोन्स के संतुलन को बिगाड़ सकती है। दो हार्मोन्स, घ्रेलिन (Ghrelin) और लेप्टिन (Leptin), जो भूख और पेट भरने का एहसास कराते हैं, नींद की कमी से प्रभावित होते हैं। घ्रेलिन भूख बढ़ाने वाला हार्मोन है, जबकि लेप्टिन भूख कम करने वाला हार्मोन है। जब हम पूरी नींद नहीं लेते हैं, तो घ्रेलिन का लेवल बढ़ जाता है और लेप्टिन का लेवल कम हो जाता है। इससे हमें ज्यादा भूख लगती है और हम जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं, जिससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
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ज्यादा कैलोरी खाना
नींद की कमी से हमारा शरीर थका हुआ और एनर्जी की कमी महसूस होती है। इस कंडिशन में हम अक्सर एनर्जी बढ़ाने के लिए ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स की ओर आकर्षित होते हैं, जैसे स्वीट्स, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड। ये फूड आइटम्स न केवल हमारे शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी जमा करते हैं, बल्कि उनमें मौजूद शुगर और फैट वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।
मेटाबॉलिज्म पर प्रभाव
नींद की कमी हमारे मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है। मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिसमें हमारा शरीर खाने को एनर्जी में बदलता है। जब मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, तो शरीर कैलोरी को कम बर्न करता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, नींद की कमी से इंसुलिन सेंसिटिविटी भी प्रभावित होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और फैट स्टोरेज की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
थकान और फिजिकल एक्टिविटीज में कमी
जब हम पूरी नींद नहीं लेते हैं, तो हमारा शरीर थका हुआ महसूस करता है। इस थकान के कारण हम फिजिकल एक्टिविटीज में कमी करने लगते हैं। एक्सरसाइज न करना या कम करना, शरीर में कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
स्ट्रेस और इमोशनल ईटिंग
नींद की कमी तनाव को बढ़ा सकती है। तनाव के कारण हम अक्सर इमोशनल ईटिंग करने लगते हैं, यानी भूख न होने पर भी खाना खा लेते हैं। इमोशनल ईटिंग में हम ज्यादातर मीठा या जंक फूड खाते हैं, जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।
इसलिए, हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है। हर दिन 7-8 घंटे की गहरी और अच्छी नींद लेकर न केवल वजन को कंट्रोल में रखा जा सकता है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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