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खराब नींद और मोटापा बन रहे ब्रेस्ट कैंसर की वजह! ICMR ने महिलाओं को दी ये बड़ी चेतावनी

Published: Sat, 27 Dec 2025 10:43 AM (GMT+05:30)

ICMR के अध्ययन के अनुसार, भारत में स्तन कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। मांसाहारी भोजन, खराब नींद और मोटापा ...और पढ़ें

खराब नींद और मोटापा बन रहे भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर का बड़ा कारण (Picture Credit- AI Generated)

खराब नींद और मोटापा बन रहे भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर का बड़ा कारण (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. मांसाहारी भोजन, खराब नींद, मोटापा स्तन कैंसर के प्रमुख कारक

  2. प्रति वर्ष 50 हजार नए स्तन कैंसर मामलों की वृद्धि का अनुमान

  3. देर से बच्चे पैदा होना और गर्भपात का भी जोखिम बढ़ाते हैं

नई दिल्ली, प्रेट्र: भारत में स्तन कैंसर तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है। आइसीएमआर के एक अध्ययन के अनुसार, मांसाहारी आहार, खराब नींद और मोटापा स्तन कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़े हुए हैं, जो हर साल लगभग 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इससे प्रति वर्ष लगभग 50 हजार नए मामलों की वृद्धि होने का अनुमान है।

अध्ययन में कहा गया है कि प्रजनन समय, हार्मोनल संपर्क और पारिवारिक इतिहास भी भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को प्रभावित करते हैं। यह अध्ययन बेंगलुरु स्थित आईसीएमआर के नेशनल सेंटर फार डिजीज इनफार्मेटिक्स एंड रिसर्च द्वारा किया गया था। 2022 में दुनिया भर में लगभग 23 लाख महिलाओं को नए स्तन कैंसर के मामलों का निदान किया गया, जिससे लगभग छह लाख 70 हजार मौतें हुईं। 

कैंसर के लगभग 2,21,757 मामलों की रिपोर्ट दर्ज की गई, जो महिलाओं में कैंसर के मामलों का लगभग एक चौथाई (22.8 प्रतिशत) है। यह अध्ययन उन भारतीय अध्ययनों की एक व्यवस्थित समीक्षा थी, जो भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के जोखिम कारकों का मूल्यांकन करते हैं और जो 22 दिसंबर 2024 तक प्रकाशित हुए थे। एक मेटा विश्लेषण ने प्रमुख जोखिम कारकों और स्तन कैंसर के बीच पूल किए गए संबंधों का अनुमान लगाया।

देर से बच्चे पैदा होने का खतरा

विवाह की आयु के साथ स्तन कैंसर का खतरा क्रमिक रूप से बढ़ता गया। इसके अलावा, दो से अधिक गर्भपात की रिपोर्ट करने वाली महिलाओं का खतरा उन महिलाओं की तुलना में 1.68 गुना अधिक था, जिनका कोई गर्भपात नहीं था। पहले बच्चे का जन्म देर से (30 वर्ष से अधिक) होने पर जोखिम में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई । अध्ययन में कहा गया कि अधिकांश अध्ययनों में स्तनपान की अवधि का स्तन कैंसर के जोखिम से महत्वपूर्ण संबंध नहीं पाया गया और ओरल गर्भनिरोधक के उपयोग का भी कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं दिखा।

इग्नोर न करें ब्रेस्ट कैंसर के ये लक्षण

  • ब्रेस्ट या बगल में नई गांठ
  • स्तन के किसी हिस्से में सूजन या मोटापन
  • स्तन की त्वचा में जलन या गड्ढे पड़ना
  • निप्पल के आसपास या ब्रेस्ट में रेडनेस या पपड़ीदार त्वचा
  • निप्पल का अंदर की ओर खिंचाव या निप्पल के आसपास दर्द
  • ब्रेस्ट मिल्क के अलावा निप्पल से डिस्चार्ज, जिसमें खून भी शामिल है
  • ब्रेस्ट के आकार या आकृति में कोई भी बदलाव
  • ब्रेस्ट के किसी भी हिस्से में दर्द

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