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    रोज चावल खाकर भी मोटे क्यों नहीं होते जापानी? जानिए उनकी लंबी उम्र और फिटनेस का 'सीक्रेट'

    By Meenakshi NaiduEdited By: Swati Sharma
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 07:16 AM (IST)

    वजन कम करने के लिए हम लोग सबसे पहले चावल खाना छोड़ देते हैं। लेकिन चावल जापानी लोगों की डाइट का मुख्य हिस्सा है। फिर भी हमेशा फिट और हेल्दी रहते हैं। ...और पढ़ें

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    जापानी से सीखें स्वस्थ रहने के तरीके (Picture Courtesy: AI Generated)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया में अगर किसी देश को हेल्दी लाइफस्टाइल और लंबी उम्र के लिए जाना जाता है, तो वह है जापान। यहां के लोग औसतन 84-85 साल तक जीवित रहते हैं। साथ ही एक्टिव, एनर्जेटिक और फिट भी बने रहते हैं। उनकी सेहत और लॉन्ग-लाइफ का राज सिर्फ जेनेटिक्स में नहीं, बल्कि उनकी डाइट, आदतों और सोच में छिपा है। 

    खास बात यह है कि वे रोज बड़ी मात्रा में चावल खाते हैं, लेकिन फिर भी मोटे नहीं होते और न ही लाइफ स्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का शिकार बनते हैं। फिर आखिर जापानियों का यह अनोखा रहस्य क्या है? आइए जानते हैं अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए जापानयों का सीक्रेट। 

    चावल है मुख्य खाना  

    जापानियों की थाली में सबसे अहम जगह चावल को मिलती है। यह उनका स्टेपल फूड है जिसे वे नाश्ते, दोपहर और रात,हर खाने में शामिल करते हैं। लेकिन चावल को वे हमेशा नॉर्मल और कम नमक-तेल के साथ खाते हैं। इसके साथ हल्का सूप, सब्जियां, मछली या अचार परोसा जाता है। मतलब चावल की मात्रा भले ज्यादा हो, लेकिन साथ में खाए जाने वाले डिशेज बैलेंस्ड और लो-कैलोरी होते हैं। यही संतुलन उन्हें हेल्दी बनाए रखता है।

    Japanese Fitness Secret (1)

    (Picture Courtesy: AI Generated)

    बैलेंस्ड और पोषण से भरपूर डाइट

    जापानियों की प्लेट छोटी लेकिन विविधता से भरी होती है। उनकी डाइट में शामिल होते हैं-

    • मिसो सूप (फर्मेंटेड सोयाबीन से बना) जो गट हेल्थ सुधारता है।
    • सी वीड और हरी सब्जियां, जिनमें मिनरल्स और फाइबर भरपूर होते हैं।
    • मछली और सीफूड, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से दिल को स्वस्थ रखते हैं
    • टोफू और सोया प्रॉडक्ट्स, जो हल्के लेकिन प्रोटीन से भरपूर हैं।
    • ग्रीन टी, जो एंटीऑक्सीडेंट से इम्युनिटी बढ़ाती है।

    "हारा हाची बू" (80% तक खाना)

    •  जापानी संस्कृति में एक खास प्रिंसिपल है- ‘हारा हाची बू’, मतलब पेट सिर्फ 80% भरने तक ही खाना। इससे वे ओवरईटिंग से बचते हैं, पाचन तंत्र पर दबाव नहीं पड़ता और शरीर में फैट जमा नहीं होता।
    • फर्मेंटेड फूड्स का जादू- मिसो, नैटो, अचार और सोया सॉस जैसे फर्मेंटेड फूड्स जापानी खान-पान का हिस्सा हैं। इनमें पाए जाने वाले प्रोबायोटिक्स गट हेल्थ, डाइजेशन और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं

    एक्टिव और डिसिप्लिन्ड लाइफस्टाइल

    वे ज्यादा पैदल चलते हैं, साइकिल चलाते हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। घर और कामकाज में भी एक्टिव बने रहते हैं। इसका सीधा असर उनके मेटाबॉलिज्म और फिटनेस पर दिखता है।

    मोटापे की दर बेहद कम

    जापान में मोटापा दुनिया के सबसे कम प्रतिशत में गिना जाता है। संतुलित डाइट, कम हिस्सों में खाना और एक्टिव लाइफस्टाइल की वजह से वहां डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी कम देखने को मिलती हैं।

    मानसिक संतुलन और "इकिगाई" 

    शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ जापानी मानसिक शांति पर भी जोर देते हैं। उनका विजन ‘इकिगाई’ मतलब जीवन का उद्देश्य और "मोआई" मतलब सामुदायिक जुड़ाव, उन्हें तनावमुक्त और खुशहाल जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।