Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बढ़ते वजन पर लगाम लगाएंगी 9 प्लैंक एक्सरसाइज, फैट बर्न होने के साथ ही मेटाबॉलिज्म भी होगा बूस्ट

    Updated: Wed, 20 Aug 2025 06:18 PM (IST)

    प्लैंक एक्सरसाइज वेट लॉस और कोर मसल्स को मजबूत बनाने के लिए बेहद कारगर है। यह पेट पीठ और कंधों को टोन करके कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। वेट लॉस के लिए आप अलग-अलग तरह के प्लैंक ट्राई कर सकते हैं। नियमित रूप से इन्हें करने से फैट बर्न होता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।

    Hero Image
    वेट लॉस में असरदार हैं ये एक्सरसाइज (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। प्लैंक एक्सरसाइज वेट लॉस के लिए एक बेस्ट ऑप्शन है, जो पूरे शरीर को टोन करने और फैट बर्न करने में मदद करती है। यह एक्सरसाइज मसल्स को मजबूत बनाने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अगर प्लैंक को सही तकनीक से और नियमित रूप से किया जाए तो ये शरीर को टोंड और फिट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां कुछ अलग-अलग तरह के प्लैंक की जानकारी दी गई है, जो वेट लॉस में सहायक हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में-

    स्टैंडर्ड प्लैंक

    यह सबसे आसान और बेसिक प्लैंक है, जिसमें हाथों और पैरों पर शरीर का वजन संतुलित किया जाता है। यह पेट, पीठ, कंधे और हाथों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसे 30-60 सेकंड तक होल्ड करना वेट लॉस के लिए फायदेमंद होता है।

    फोरआर्म प्लैंक

    इस प्लैंक में शरीर का भार कोहनी और पैरों पर होता है। यह कोर मसल्स और पेट की चर्बी को तेजी से बर्न करने में मदद करता है। इसे रोजाना करने से पेट और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

    साइड प्लैंक

    साइड प्लैंक ओब्लिक मसल्स और कमर की चर्बी को कम करने के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है। इसमें शरीर को साइड में रखते हुए एक हाथ और एक पैर पर बैलेंस बनाया जाता है। यह प्लैंक हिप्स और थाई एरिया को टोन करने में मदद करता है।

    रिवर्स प्लैंक

    इसमें शरीर को पीछे की ओर सीधा रखते हुए हथेलियों और एड़ियों पर संतुलन बनाया जाता है। यह हिप्स, बैक और ग्लूट्स को मजबूत बनाता है और फैट बर्न करने में सहायक है।

    प्लैंक टू पुश-अप्स

    यह प्लैंक फोरआर्म पोजिशन से पुश-अप पोजिशन में जाने और वापस आने की प्रक्रिया को दोहराता है। यह कोर और अपर बॉडी को मजबूत बनाता है और तेजी से कैलोरी बर्न करता है।

    स्पाइडर प्लैंक

    इस प्लैंक में घुटनों को कोहनी तक लाने का प्रयास किया जाता है, जिससे लोअर एब्स और कोर मसल्स पर दबाव बनता है। यह पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है।

    माउंटेन क्लाइंबर प्लैंक

    यह प्लैंक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट का हिस्सा है। इसमें हाथों को जमीन पर रखते हुए पैरों को तेजी से घुटनों तक लाना और वापस ले जाना होता है। यह फैट बर्न करने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में कारगर है।

    प्लैंक जैक्स

    प्लैंक जैक्स कार्डियो और कोर स्ट्रेंथ को बेहतर बनाता है। इसमें प्लैंक पोजिशन में रहते हुए पैरों को अंदर और बाहर की ओर मूव किया जाता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है।

    डॉल्फिन प्लैंक

    इस प्लैंक में फोरआर्म प्लैंक से हिप्स को ऊपर और नीचे लाना होता है। यह पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और वेट लॉस में सहायक है।

    यह भी पढ़ें- आपका 'दूसरा दिल' करेगा काम, कुर्सी पर करें ये आसान पुश-अप और दूर भगाएं डायबिटीज

    यह भी पढ़ें- दिल की बीमारियों का रिस्क कम करने में बेहद असरदार है ताई-ची, जानें इस चाइनीज एक्सरसाइज के 5 फायदे