झारखंड की बेटियों ने नीट-जेईई की फ्री कोचिंग में लड़कों को छोड़ा पीछे, आदिवासी छात्राओं ने जेंडर पैरिटी में तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड
झारखंड की बालिकाएं शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उच्च शिक्षा में राज्य का जेंडर पैरिटी इंडेक्स राष्ट्रीय औसत के बराबर ...और पढ़ें

उच्च शिक्षा में भी बेटियां पीछे नहीं, डाक्टर, इंजीनियर बनने की ललक भी अधिक। (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड की बालिकाएं कई क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही हैं। बोर्ड परीक्षाएं हों या अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं, लगातार बालिकाओं का परिणाम बालकों से बेहतर रहा है। अब तो उच्च शिक्षा में भी राज्य की छात्राएं छात्राओं से पीछे नहीं रहीं। उच्च शिक्षा में झारखंड का जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआइ) अखिल भारतीय औसत तक पहुंच चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य की आदिवासी बालिकाएं भी काफी बेहतर कर रही हैं।
हाल ही में मेडिकल तथा इंजीनियरिंग में नामांकन को लेकर होनेवाली क्रमश: नीट तथा जेईई परीक्षा की तैयारी के लिए शुरू की गई निश्शुल्क कोचिंग में छात्रों से अधिक छात्राओं का नामांकन हुआ। ऐसा नहीं कि प्रवेश परीक्षा में छात्राएं अधिक सम्मिलित हुईं।
छात्रों से अधिक नंबर लाने के कारण छात्राओं का चयन अधिक हुआ। स्थिति यह रही कि कुल 300 सीटों के विरुद्ध 168 छात्राओं का नामांकन प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से हुआ, जबकि 132 छात्र ही इसमें नामांकन ले पाए। राज्य सरकार ने आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए यह निश्शुल्क कोचिंग व्यवस्था शुरू की है, जिसके लिए पीपीपी मोड पर कोटा के संस्थान मोशन का चयन किया गया है।
उच्च शिक्षा में जेंडर पैरिटी इंडेक्स की बात करें तो झारखंड का यह इंडेक्स 1.01 हो गया है जो राष्ट्रीय औसत के समान है। एसटी श्रेणी में तो झारखंड का जेंडर पैरिटी इंडेक्स 1.12 है जो राष्ट्रीय औसत 0.98 से अधिक है। अलबत्ता एससी श्रेणी में झारखंड पीछे है। झारखंड में इस श्रेणी में उच्च शिक्षा जेंडर पैरिटी इंडेक्स 0.87 है, जबकि राष्ट्रीय इंडेक्स 1.01 है।
बताते चलें कि जेंडर पैरिटी इंडेक्स का इस्तेमाल शिक्षा में जेंडर इक्विटी (समानता) को मापने के लिए किया जाता है। इसे नामांकित छात्राओं की संख्या को उसी स्तर की शिक्षा में नामांकित छात्रों की संख्या से डिवाइड करके निकाला जाता है। जीपीआइ शून्य से एक तक होता है, जहां एक की जीपीआइ वैल्यू छात्रों और छात्राओं के बीच पूरी समानता दिखाता है।
झारखंड में खुलेंगे 14 महिला कालेज
झारखंड में 14 नए महिला कालेज खोलने की तैयारी है। इनमें से कई कालेज निर्माणाधीन हैं तो कुछ पाइपलाइन में भी हैं। इन महिला कालेजाें की स्थापना से राज्य में छात्राओं के सकल नामांकन अनुपात में और भी वृद्धि होने की संभावना है।
राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक डिग्री कालेज भी खोले जा रहे हैं। इन कालेजों में भी बड़ी संख्या में छात्राओं का नामांकन होगा। इससे वैसी छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी जो डिग्री कालेजों की अत्यधिक दूरी होने के कारण स्कूली शिक्षा के बाद ड्राप आउट कर जाती थीं।

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