जम्मू, राज्य ब्यूरो। उत्तरी कश्मीर में जिला विकास परिषद की दो सीटों के लिए आज उपचुनाव हो रहा है। ये सीटें बांडीपोरा की हाजिन-ए और कुपवाड़ा की द्रगमुला है। इन दोनों पर चुनाव प्रदेश में अन्य डीडीसी संग दिसंबर 2020 में हुआ था, लेकिन दो महिला प्रत्याशियों के मूल रूप से गुलाम जम्मू कश्मीर की निवासी होने के कारण चुनाव रद कर दिया गया था। इसके बाद से ये सीटें खाली थीं।

मतदान सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक होगा

जिला विकास परिषद की दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक होगा। हाजिन-ए सीट पर पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। इन पर नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स कांफ्रेंस, भाजपा, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी और एक निर्दलीय उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। हाजिन ए में 7312 महिला और 8039 पुरुष मतदाताओं समेत 15351 मतदाताओं के लिए 12 स्थानों पर 57 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। द्रगमुला निर्वाचन क्षेत्र में 16688 पुरुष और 16157 महिलाओं समेत 32845 मतदाताओं के लिए 24 स्थानों पर 42 मतदान केंद्र बनाए गए है।

जम्मू में दो और ऊधमपुर में एक बनाया गया मतदान केंद्र

दोनों सीटों के लिए विस्थापित कश्मीरी हिंदू मतदाताओं के लिए जम्मू में दो और ऊधमपुर में एक मतदान केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा इनके लिए डाकमत की व्यवस्था भी की गई थी। दरअसल, द्रगमुला में गुलाम जम्मू कश्मीर की रहने वाली सुमैया सदफ ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। वहीं, हाजिन-ए से शाजिया बेगम उतरी थी। वह भी गुलाम जम्मू कश्मीर की है। शादी के बाद ये उत्तरी कश्मीर में आकर बसी हैं। दोनों के पति पूर्व आतंकी हैं। इनकी नागरिकता पर विवाद पैदा हो गया था। इसके बाद दोनों सीटों पर चुनाव परिणाम रोक दिया गया था। बाद में दोनों महिलाओं की उम्मीदवारी को अयोग्य घोषित करते हुए चुनाव रद कर दिया गया था।

दो महिलाओं के उतरने से रद हो गया था चुनाव

दिसंबर 2020 में गुलाम जम्मू कश्मीर की दो महिलाओं के उतरने से रद हो गया था चुनाव lपूर्व आतंकियों से शादी के बाद बांडीपोरा और कुपवाड़ा में बस गई थीं चुनाव लड़ने वालीं दोनों महिलाएं लोगों में उत्साह दोनों ही सीटों पर उपचुनाव से स्थानीय लोग भी उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि चुनाव के बाद विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लोग झेलम से गंदा पानी लाने को मजबूर

हाजिन के स्थानीय निवासी मोहम्मद अकरम का कहना है कि हमारे ब्लाक के कई गांवों में नल के पानी की सुविधा नहीं है और हम झेलम से गंदा पानी लाने को मजबूर हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे ब्लाक में हमारे डीडीसी का चयन करने के बाद वह इन मुद्दों को जिला और उच्च अधिकारियों के सामने रखेंगे और मुद्दों का समाधान किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- Jammu-Kashmir Politics: विकार रसूल ने पद्म भूषण को कहा ‘छोटा अवार्ड’, आजाद बोले- ‘छोटे लोग, छोटी बात’

यह भी पढ़ें- Jammu-Kashmir News: DGP दिलबाग सिंह बोले- 'कश्मीर से आतंक का अध्याय हो रहा खत्म, अब नशा बड़ा दुश्मन'

Edited By: Babli Kumari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट