राज्य ब्यूरो, जम्मू। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन मादक पदार्थों की तस्करी क्षेत्र में अब ‘बड़ी दुश्मन’ बनकर उभर रही है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।

जम्मू-कश्मीर के लिए नशा बड़ा दुश्मन

शनिवार को डोडा जिले में पुलिस द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में डीजीपी दिलबाग सिंह लोगों को संबोधित कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में इस साल अब तक मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े लगभग 1,200 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 2,000 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो संकट की गंभीरता की तरफ इशारा करता है।

लोगों की वजह से आतंकवाद पर लगा काफी हद तक अंकुश

डीजी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अतिरिक्त महानिदेशक दलजीत सिंह और जम्मू जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह के साथ डोडा-किश्तवाड़-रामबन रेंज के एक दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए धर्मुंड में सेना के डेल्टा बल मुख्यालय में संयुक्त अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का अध्याय काफी हद तक समाप्त हो रहा है और इस सफलता का श्रेय क्षेत्र के लोगों को जाता है।

आंतकवाद से बड़ा शत्रु है मादक पदार्थों का इस्तेमाल

उन्होंने कहा मादक पदार्थों का इस्तेमाल आज आंतकवाद से कहीं बड़ा शत्रु है और युवाओं को नशा मुक्त समाज का संदेश फैलाना चाहिए। आतंकवाद व्यक्तियों को लक्षित करता है, लेकिन मादक पदार्थ परिवारों और समाज को समग्र रूप से प्रभावित करते हैं। इस खतरे को खत्म करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।

DGP दिलबाग सिंह बोले- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अब अपनी अंतिम सांस गिन रहा, बचे-खुचे आतंकियों का खात्मा जल्द

Jammu Kashmir: डीजीपी दिलबाग सिंह के निर्देश- आतंकी वारदातों, तस्करी के अहम मामलों की जांच जल्द करें पूरी

Edited By: Mohd Faisal

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