पत्नी की अंतिम इच्छा पूरी करने वृंदावन पहुंचे डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, संत प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) वृदांवन की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Sant Premanand Maharaj) से मुलाकात की। दरअसल मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी सिमी अग्निहोत्री की अकाल मृत्यु हो गई थी। उनकी अंतिम इच्छा वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करने की थी लेकिन वह इसे पूरा न कर सकीं थीं।

अविनाश विद्रोही, गगरेट /ऊना। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (Deputy CM Mukesh Agnihotri) ने अपनी पत्नी प्रोफेसर सिमी अग्निहोत्री की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए वृंदावन की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और अपनी दिवंगत पत्नी की इच्छाओं के बारे में चर्चा की।
संत प्रेमानंद महाराज से मिलने की थी इच्छा
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी पत्नी सिमी अग्निहोत्री का ईश्वर और परमार्थ में गहरा विश्वास था। वे नियमित रूप से मंदिरों में जाकर पूजा-पाठ करती थीं और अपने पुण्य कर्म गरीबों की मदद में लगाती थीं। संतों से मिलने की उनकी गहरी जिज्ञासा थी। इसी क्रम में, वे संत प्रेमानंद महाराज से मिलने की योजना बना रही थीं। लेकिन दुर्भाग्यवश, उनकी अकाल मृत्यु हो गई, और वे यह इच्छा पूरी नहीं कर सकीं।
यह भी पढ़ें- कभी पानी को तरसते थे, अब जल संरक्षण की बनी मिसाल...हिमाचल के इस गांव ने प्राकृतिक जलस्रोतों को संवारकर बुझाई प्यास
प्रेमानंद महाराज ने दिया ये सुझाव
संत प्रेमानंद महाराज ने मुकेश अग्निहोत्री को सुझाव दिया कि पत्नी की अकाल मृत्यु के दोष निवारण के लिए आठ दिन का भागवत पाठ कराया जाए। साथ ही उन्होंने उपमुख्यमंत्री या उनके किसी प्रतिनिधि को इस पाठ में आठ दिन तक शामिल होने का संकल्प लेने को कहा।
डिप्टी सीएम ने पत्नी के लिए लिखी ये बात
मुकेश अग्निहोत्री ने इस मुलाकात का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, "प्रोफेसर सिमी अग्निहोत्री का ईश्वर और परमार्थ में अटूट विश्वास था। वे संत प्रेमानंद महाराज से मिलना चाहती थीं, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। उनकी इच्छा पूरी करने के लिए मैंने महाराज से मुलाकात की।"
गिरिराज जी की परिक्रमा भी की
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने यहां पहुंचकर गिरिराज जी की पूजा की। उन्होंने सेवादारों को प्रसाद का पटका और छप्पन भोग भी भेंट किया। उन्होंने श्री गिरिराज जी की 21 किमी की परिक्रमा भी ई रिक्शा से लगाई। इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि गिरिराज जी की शरण में आकर सुखद अनुभूति हो रही है।
कौन हैं प्रेमानंद महाराज
संत प्रेमानंद महाराज वृंदावन में रहते हैं। उनके सत्संग को सुनने के लिए दूर- दूर से लोग आते हैं। उनका जन्म कानपुर में सरसौल के अखरी गांव में हुआ था। प्रेमानंद महाराज का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडेय है। वह 13 साल की उम्र में संयासी बन गए थे। प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए कई बडे़ लोग भी आ चुके हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।