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    हिमाचल: रात के अंधेरे में खनन रोकेंगे नाइट विजन ड्रोन, जहां नहीं पहुंच पाएगी पुलिस वहां पहुंचेगा ड्रोन; यहां ट्रायल शुरू

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 12:32 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए नाइट विजन ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। सोलन जिले में इसका ट्रायल चल रहा है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में रात के अं ...और पढ़ें

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    नाइट विजन ड्रोन से खनन पर नजर रखी जाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

    संवाद सहयोगी, सोलन। हिमाचल प्रदेश में रात के अंधेरे में खनन करने वालों पर अब नाइट विजन ड्रोन से नजर रखी जाएगी। जिला सोलन में अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नाइट विजन ड्रोन का ट्रायल किया जा रहा है। इस तकनीक से दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन को आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा, जहां सामान्य निगरानी संभव नहीं हो पाती।

    जिला में कई ऐसे स्पाट हैं जो मुख्य सड़कों या बाई-रोड्स से जुड़े नहीं हैं, जिसके चलते वहां पहुंचना और निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे इलाकों में रात के समय अवैध खनन की घटनाएं सामने आती रहती हैं। 

    रियल टाइम निगरानी

    नाइट विजन ड्रोन की मदद से इन क्षेत्रों की पहचान कर रियल टाइम में निगरानी की जाएगी। ड्रोन से किसी भी संदिग्ध गतिविधि के सामने आते ही फ्लाइंग स्क्वाड की टीम को तुरंत अलर्ट किया जाएगा, ताकि मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की जा सके। इससे न केवल अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि खनन माफिया की गतिविधियों पर रोक लगेगी।

    ट्रायल सफल तो होगा एमओयू

    फिलहाल नाइट विजन ड्रोन का ट्रायल चरण में परीक्षण किया जा रहा है। ट्रायल के सफल रहने पर जल्द ही इसका एमओयू साइन किया जाएगा और इसे ट्रायल बेस पर लगाया जाएगा। इसके बाद जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी।

    यहां खनन माफिया अधिक सक्रिय

    गौरतलब है कि नालागढ़, बरोटीवाला और दाड़लाघाट जैसे क्षेत्रों में अवैध खनन के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इन क्षेत्रों में नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों में खनन माफिया सक्रिय रहते हैं, जिससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    जिला खनन अधिकारी सोलन दिनेश कुमार ने बताया कि नाइट विज़न ड्रोन से निगरानी करने का उद्देश्य उन स्थानों की पहचान करना है, जहां तक सामान्य माध्यमों से पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक से अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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