यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल में भारी बारिश के बावजूद खराब नहीं होंगी अब सड़कें, मजबूत और टिकाऊ निर्माण होगा; सरकार ने की साझेदारी
Himachal Pradesh Roads हिमाचल प्रदेश सरकार सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर ...और पढ़ें

HighLights
- सड़कें मजबूत बनाने पर सरकार का जोर : संजय गुप्ता
- लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी क्षमता बढ़ाने को आइआइटी रोपड़ से की साझेदारी
- सड़क निर्माण में नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा
राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Roads, हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि सरकार अब नई सड़कों के निर्माण के बजाय मौजूदा सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाने पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग सड़क नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ व जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
विभाग ने तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (आइआइटी) रोपड़ से साझेदारी की है। इस समझौते के अंतर्गत सड़क निर्माण में नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा ताकि कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
अत्याधिक वर्षा के कारण होता है नुकसान
उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों में अत्यधिक वर्षा, भूस्खलन व जलवायु परिवर्तन के कारण सड़क नेटवर्क को भारी नुकसान होता है। ऐसे में विभाग का उद्देश्य अब जलवायु-प्रतिरोधी (क्लाइमेट-रेजिलिएंट) बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जिससे सड़कों की आयु बढ़े और भविष्य में रखरखाव पर खर्च घटे।
पादर्शिता लाने के लिए आधुनिक तकनीक
उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण और विशेषज्ञ संस्थानों की सहायता ली जा रही है। इस दिशा में आइआइटी रोपड़ के साथ सहयोग से हिमाचल में सड़क निर्माण के मानक और सुदृढ़ होंगे।
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भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सड़कें केवल यात्रा का साधन न रहकर विकास की रीढ़ बनें।
