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    हिमाचल में भूकंप के झटकों से हिली धरती, जमीन से 5 किलोमीटर नीचे रहा केंद्र; रेड जोन में है अब हिमालय का अधिकतर क्षेत्र

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 02:17 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार दोपहर भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। हिमाचल का ...और पढ़ें

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    हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

    जागरण टीम, मंडी। हिमाचल प्रदेश में सोमवार दोपहर के समय भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिला मंडी में भूकंप का केंद्र रहा। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई है। लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए व वे तुरंत बाहर निकल आए। 

    भूकंप का केंद्र बिंदु मंडी में जमीन से 5 किलोमीटर नीचे पाया गया। दोपहर 12 बजकर 57 मिनट यह झटके महसूस किए गए। मंडी में अकसर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। आज दोपहर अचानक हिली धरती पर लोग तुरंत हरकत में आ गए।

    आज सुबह असम में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। असम में भूकंप की तीव्रता पांच से ज्यादा रही थी। असम के बाद अब हिमाचल प्रदेश में भूकंप के धरती हिली है। इस कारण लोग दहशत में हैं। 

    जोन छह में आ गए हैं ये जिले

    प्रदेश में अब भूकंप का खतरा पहले से बढ़ गया है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) की ओर से हाल ही में जारी नए भूकंपीय मानचित्र में गंभीर चेतावनी है। पूरे हिमालयी क्षेत्र को देश के सबसे अधिक जोखिम वाले भूकंपीय जोन छह (रेड जोन) में शामिल किया है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहुल स्पीति जिले अब उच्चतम खतरे की श्रेणी में आ गए हैं

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    1905 में हुई थी त्रासदी

    हिमाचल प्रदेश का अधिकतर क्षेत्र जोन पांच में आता है, जो भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील है। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में पांच अप्रैल 1905 को बहुत बड़ा भूकंप हुआ था, जिसमें हजारों लोगों की जान गई थी। तब इसकी तीव्रता सात से ज्यादा रही थी। 

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