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शिमला सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन जनसंगठन ने किया चक्का जाम, हक के लिए 804 दिन से धरने पर हैं दिव्यांग; क्या हैं मांगें?

By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 05 Jan 2026 01:18 PM (IST)

शिमला सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन जनसंगठन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। वे 70 दिनों ...और पढ़ें

शिमला में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते दिव्यांग। जागरण

शिमला में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते दिव्यांग। जागरण

HighLights

  1. शिमला सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन जनसंगठन का चक्का जाम।

  2. 1995 से लंबित चतुर्थ श्रेणी के बैकलॉग पद भरने की मांग।

  3. दिव्यांग पेंशन 1700 से 5000 रुपये करने की अपील।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिमला स्थित सचिवालय के बाहर दृष्टिबाधित जनसंगठन ने मांगों के समर्थन में कड़ाके की ठंड में भी धरने पर डटे हुए हैं। आश्वासन के बावजूद सुनवाई न होने से नाराज संघ ने सोमवार सुबह सचिवालय के बाहर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्ट रोड पर यातायात प्रभावित रहा।

दृष्टिबाधित संघ का कहना है कि उनकी मांगें वर्षों से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

सचिवालय के बाहर पिछले 70 दिन से सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे दिव्यांगों ने सोमवार सुबह चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान दृष्टिबाधित संघ ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

804 दिन से धरने पर दिव्यांग

दृष्टिहीन जनसंगठन के सदस्य राजेश ठाकुर ने बताया कि सचिवालय के बाहर रोज़ाना पांच दिव्यांग धरने पर बैठ रहे हैं और कड़ाके की ठंड के बावजूद उनका आंदोलन जारी है। वहीं कालीबाड़ी मंदिर के पास बैठे दिव्यांगों को 804 दिन पूरे हो चुके हैं।

1995 से दिव्यांगों के पद नहीं भरे गए

राजेश ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1995 से दिव्यांगों के चतुर्थ श्रेणी के बैकलॉग पद अब तक नहीं भरे गए हैं। कोटे के तहत शिक्षा, वन, लोक निर्माण और जलशक्ति विभागों में चतुर्थ श्रेणी के पद भरे जाने चाहिएं।

पेंशन बढ़ाने की मांग

उन्होंने सरकार से दिव्यांग पेंशन को 1700 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने की मांग की है। उन्होंने कहा की नया साल शुरू हो गया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुईं है। उन्होंने सरकार पर सहारा योजना और बस पास को खत्म करने के आरोप लगाए और कहा कि दिव्यांग संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब सीएम के सरकारी आवास ओक ओवर का घेराव किया जाएगा।

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