रेवाड़ी में नारी सशक्तिकरण की मिसाल, फुटबॉल में उपलब्धियों से मान बढ़ा रही बेटियां
रेवाड़ी की एक दर्जन से अधिक बेटियां फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नारी सशक्तिकरण का उदाहरण पेश कर रही हैं। ये बेटियां न केवल राष्ट्रीय स्तर पर नाम क ...और पढ़ें

राव तुलाराम स्टेडियम में फुटबाल खेलती बेटियां। जागरण
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। विषम परिस्थितियों के बीच पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने के साथ बेटियां विभिन्न उपलब्धियों से नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बनी हुई हैं। रेवाड़ी की एक दर्जन से अधिक बेटियों ने फुटबाल खेलते हुए न केवल बेटों की तरह नाम रोशन कर रही हैं बल्कि घर की चार दीवारी से निकलकर अनुशासित, आत्मकेंद्रित और मजबूत इरादे का सशक्त उदाहरण बनी हुई हैं।
मध्यमवर्गीय परिवार की यह बेटियां फुटबाल खेलते हुए देश और प्रदेश में न केवल नाम रोशन किया बल्कि माता पिता की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। शहर के आजाद नगर में रहने वाली रिया ने छात्र जीवन में विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल कर नाम रोशन किया।
वर्तमान में गाजियाबाद और दिल्ली में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रही हैं। वहीं वर्तमान शिक्षा सत्र में राज्य स्तरीय स्कूल फुटबाल प्रतियोगिता में रेवाड़ी की 19 वर्ष आयु में लड़कियों की टीम पहली बार उपविजेता बनकर जिले का नाम रोशन किया।
खिलाड़ी शिवानी खेलाे इंडिया फुटबाल प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता टीम की बेहतरीन खिलाड़ी थीं।अन्य खिलाड़ी नैना ने भी सीनियर नेशनल में कांस्य पदक विजेता टीम में हरियाणा की ओर से खेलते हुए प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
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पांच बहनों में से चार ने किया फुटबाल में नाम रोशन
उत्तम नगर में रहने वाली एक ही परिवार की चार बेटियों ने फुटबाल में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की टीम का अहम हिस्सा बनकर नाम रोशन कर रही हैं। कारपेंटर का काम करने वाले धनपत सिंह की पांच में से चार बेटियों ने एक ही मैदान पर फुटबाल खेलते हुए कई उपलब्धियां हासिल की है। सोनिया ने जहां स्कूली खेल प्रतियोगिता के 19 वर्ष आयु की नेशनल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उनकी बहन शिवानी ने खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक विजेता टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहीं। अन्य बहन लक्ष्मी ने 14 व 17 वर्ष आयु की नेशनल टीम की प्रमुख खिलाड़ी रहीं। मोनिका स्कूल नेशनल गेम्स में हरियाणा की टीम की प्रमुख खिलाड़ी थीं। लक्ष्मी तो भारतीय जूनियर टीम की नेशनल कैंप में भी खेल चुकी हैं। नेशनल स्कूल गेम्स में सोनिया और हर्षिता 19 वर्ष आयु में प्रतिभागिता कर चुकी हैं।
फुटबाल की उपलब्धियों से मिला रोजगार
फुटबाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर कई बेटियों को रोजगार भी मिला है। खिलाड़ी नैना शिक्षा विभाग में डी ग्रुप में नौकरी कर रही हैं। वहीं भावना स्टेट बैंक आफ इंडिया में तृतीय श्रेणी कर्मचारी के रूप में हाल ही में चयनित हुईं हैं। अभी वह स्टेट बैंक आफ इंडिया रेवाड़ी के मुख्य शाखा में कार्यरत हैं।
उक्त सभी खिलाड़ी राव तुलाराम स्टेडियम में खेल विभाग के फुटबाल प्रशिक्षक चरण सिंह और संजीव कुमार के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हुए उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। 28 दिसंबर को हुई सांसद खेल महोत्सव में भी रेवाड़ी से चार महिला टीमों ने हिस्सा लिया था इनमें से द्वितीय और तृतीय पुरस्कार रेवाड़ी की टीम ने जीते थे।


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