अंबाला, [दीपक बहल]। Rail Budget 2021:  रेल यात्रियों के लिए अच्‍छी खबर है। यात्रियों को ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट से छुटकारा मिलेगा और ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सरकार ने खास योजना तैयार की है। इसके तहत बजट 2021-22 (Budget 2021-22) में नई रेल लाइनों पर विशेष फोकस किया गया है। इससे ट्रेनाें की संख्‍या बढ़ाई जा सकेगी। इसका लाभ हरियाण और पंजाब सहित पूरे देश के रेल यात्रियों को होगा। इसके साथ ही प्राइवेट ट्रेनें भी चलेंगी। हरियाणा और पंजाब सहित अन्‍य राज्‍यों में साल 2024 तक करीब 150 प्राइवेट ट्रेनें चलेंगी।

नई रेल लाइनों पर फोकस, बढ़ाया दो हजार करोड़ का बजट

नई रेल लाइनें बिछाने के लिए पिछले बजट की तुलना में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जाएगी। 109 रूटों पर हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों में प्राइवेट कंपनियां डेढ़ सौ ट्रेनों को दौडाएंगी, जिसका लक्ष्य सन 2024 रखा गया है। ऐसे में नई पटरियों को बिछाने और पुरानी पटरियों को बदलने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अधिक बजट रखा है।

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2024 तक हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों में प्राइवेट कंपनियां डेढ़ सौ ट्रेनें दौडाएंगी

वर्ष 2020-21 में जहां बजट 70250 करोड़ के करीब था, वहीं इस बार एक लाख 10 हजार 55 हजार करोड़ कर दिया गया है। दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि नई रेल लाइनों के लिए मंजूर की गई है, जबकि रेल लाइन दोहरीकरण के लिए भी पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। पीपीपी मोड पर रेल यात्रियों की सुविधाओं में कैसे इजाफा किया जा सकता है इस पर भी विशेष ध्यान रखा गया है। हालांकि रेल लाइनें किस-किस राज्य और कौन से मंडल में कितनी आई है, इसका जिक्र रेलवे की ¨पक बुक में किया जाएगा।

पिछले बजट में था 70250 करोड़ रुपये का बजट, कोरोना के कारण रिवाइज किया तो रह गया 29250 करोड़

सन 2020-21 की बात करें तो नई रेल लाइनों के लिए 12477 करोड़ रुपये का बजट कम पड़ गया था, जिसे बाद इसे रिवाइज कर 15003.21 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस बार बजट में इसमें और इजाफा किया गया है। 2021-22 के बजट में 17014.67 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इसी प्रकार रेललाइन डबलिंग की बात करें तो 21545 करोड़ रुपये का बजट रिवाइज कर 22213.58 करोड़ रुपये करना पड़ गया था, जबकि इस बार 2021-22 में यह बजट 26092.25 करोड़ का रखा गया है।

रेल कोच में आधुनिक सुविधाओं और नए डिजाइन के कोच बनाने के लिए 37040 करोड़ रुपये का प्रावधान

संरक्षा के चलते पुरानी पटरियों को बदलने के लिए 2020-21 में 10599.47 करोड़ के बजट को किन्हीं कारणों से 9201.16 करोड़ कर दिया गया था। 2021-22 में यह बजट बढ़ाकर 9267.64 करोड़ रुपये कर दिया गया है। रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्मों को बड़ा करने, नया बनाने या अन्य यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्यों के लिए 2799.95 करोड़ का बजट रखा गया है।

रोड सेफ्टी व‌र्क्स, रोड ओवर और अंडरब्रिज के लिए 2020-21 में 4350 करोड़ रुपये के बजट को इस बार 5499.85 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे कोचों के डिजाइन में परिवर्तन व सुविधाएं बढ़ाने के लिए 2020-21 मे 35086 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़ाकर 37086.04 करोड़ रुपये कर दिया है। इलेक्ट्रिकल प्रोजेक्ट के लिए 6326 से बढ़ाकर अब 7532 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

रिवाइज हुआ था बजट

केंद्रीय बजट 2020-21 (Union Budget 2020-21) में 70250 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। मार्च में कोरोना के कारण बहुत सी रेल परियोजनाओं पर इसका असर पड़ा। अर्थव्यवस्था का पहिया भी धीमा हो गया था, जिसके चलते बजट को रिवाइज कर 29250 करोड़ कर दिया गया था। हालांकि इस बार पिछले बजटों की तुलना में अधिक बजट मंजूर किया है।

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Edited By: Sunil kumar jha