ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो की दिशा तय करने की कवायद तेज, की गई जमीन की पैमाइश
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना ने गति पकड़ ली है। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक मेट्रो कॉरिडोर के लिए जमीन की पैमाइश की गई। इस दौरान बिजली घर ...और पढ़ें
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मेट्रो परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में सोमवार को हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक मेट्रो कारिडोर के लिए जमीन की पैमाइश की गई। इस दौरान कई स्थायी ढांचों के मेट्रो मार्ग में आने की पुष्टि हुई, जिनमें बिजली घर और हिमगिरी आश्रम प्रमुख हैं।
सुबह करीब 11 बजे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया। टीम में एचएसवीपी के जूनियर इंजीनियर ललित हंस, पटवारी सूरत और जीएमआरएल के सहायक प्रबंधक होमेंद्र सिंह शामिल रहे।
पैमाइश के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित सड़क की कुल चौड़ाई 60 मीटर है, जिसमें से लगभग 32 मीटर क्षेत्र हिमगिरी आश्रम के हिस्से में आ रहा है। मेट्रो निर्माण के लिए इस जमीन को खाली कराना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के अनुसार, जमीन की पैमाइश का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मंगलवार को उमंग भारद्वाज चौक से बसई तक और बुधवार को बसई से सेक्टर-101 तक मेट्रो रूट की पैमाइश की जाएगी।
गौरतलब है कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-9 तक मेट्रो लाइन विकसित की जानी है, जिसके लिए टेंडर पहले ही आवंटित किया जा चुका है। प्रस्तावित रूट में हीरो होंडा चौक से बसई और सेक्टर-101 तक कई मकान, दुकानें, बिजली घर और धार्मिक स्थल आ रहे हैं।

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