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    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम शुरू, दो-तीन साल से रखरखाव की कमी के कारण हालत थी खराब

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 11:41 PM (IST)

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। सबसे पहले गड्ढों को भरा जा रहा है ताकि कोहरे में दुर्घटनाएं न हों। पेड़ों की छंटाई और ...और पढ़ें

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    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम शुरू।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले गड्ढों को भरने का काम शुरू किया गया है ताकि कोहरे के दौरान हादसा न हो। इसके बाद रेलिंग को दुरुस्त करने का काम शुरू किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के किनारे लगे पेड़ों की छंटाई का काम भी शुरू कर दिया गया है। महीनों से पेड़ों की छंटाई न होने से कई जगह यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। लाइटों को ठीक करने का काम चल रहा है।

    धौलाकुआं से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा एक्सप्रेसवे है। पिछले दो-तीन साल से रखरखाव के ऊपर गंभीरता से ध्यान न दिए जाने के कारण एक्सप्रेसवे बदहाल हो चुकी है। जगह-जगह मुख्य मार्ग पर गड्ढे बन चुके हैं। वैसे तो पूरे एक्सप्रेसवे की हालत दयनीय है लेकिन सबसे अधिक हालत खराब गुरुग्राम इलाके में है। सिरहौल बार्डर से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक का भाग गुरुग्राम में पड़ता है।

    इस भाग में न रेलिंग दुरुस्त है, न एग्जिट व एंट्री ठीक है। अधिकतर लाइटें जलती नहीं हैं। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक दोनों तरफ सर्विस लेन की हालत ऐसी है कि पैदल तक नहीं चल सकते। दोनों तरफ जगह-जगह अवैध कट बने हैं। इन समस्याओं को दैनिक जागरण द्वारा लगातार प्रमुखता से उठाने पर एनएचएआइ ने एक्सप्रेसवे की पूरी तरह मरम्मत करने की योजना बनाकर काम शुरू कर दिया है।

    ग्रैप को देखते हुए फिलहाल गड्ढों काे भरने का काम शुरू किया गया है। पेड़ों की छंटाई का काम तेजी से चल रहा है। अगले कुछ दिनों के भीतर मुख्य मार्ग में जहां भी गड्ढे हैं, भर दिए जाएंगे। एक सप्ताह के भीतर पेड़ों की छंटाई का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद रेलिंग को ठीक करने का काम तेजी से किया जाएगा। लेन मार्किंग पर जोर दिया जा रहा है।

    सर्विस लेन को किया जाएगा ऊंचा

    नरसिंहपुर के आसपास दोनों तरफ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन को ऊंचा किया जाएगा। साथ ही दोनों तरफ आरएमसी (रेडी-मिक्स कंक्रीट) की सड़क बनाई जाएगी ताकि जलभराव के बाद भी टूटे न। हर साल मानसून के दौरान नरसिंहपुर व आसपास जलभराव की समस्या रहती है। इससे सड़क टूट जाती है।

    सर्विस लेन को बेहतर करने का काम ग्रैप हटने के बाद किया जाएगा। एनएचएआइ के अधिकारी का कहना है कि ग्रैप की वजह से काम में तेजी नहीं आ रही है। ग्रैप पूरी तरह खत्म होते ही मरम्मत का कार्य तेज कर दिया जाएगा। अगले कुछ महीनों के भीतर एक्सप्रेसवे की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई दिखाई देगी।

    मरम्मत के बाद राउंड लगाते रहें अधिकारी

    एनएचएआइ के पूर्व तकनीकी सलाहकार जेएस सुहाग कहते हैं कि एक्सप्रेसवे की हालत खराब इसलिए हुई है कि अधिकारी राउंड नहीं मारते। राउंड मारते रहेंगे तो रखरखाव की जिम्मेदारी जिसे दी जाती है, वह अलर्ट रहेगा। मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहें। कहीं भी गड्ढा 24 घंटे के भीतर भरने की व्यवस्था की जाए।

    अनदेखी करने से गड्ढे धीरे-धीरे बड़े हो जाते हैं। मरम्मत के दौरान गुणवत्ता के ऊपर विशेष ध्यान रखना चाहिए। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की दुर्दशा से एनएचएआइ की छवि काफी धूमिल हुई है। छवि को बेहतर करने के लिए एक्सप्रेसवे का पूरी तरह कायाकल्प करना होगा।

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