जब Munawar Faruqui की मां ने जहर खाकर दी थी जान, क्या है उस रात की पूरी कहानी, जो आज भी देती है उन्हें दर्द?
मुनव्वर फारूकी ने हाल ही में मां के निधन और बचपन के संघर्षों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कैसे 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां को खो दिया और उस दर्दनाक रात को याद किया जब उन्होंने अपनी मां के पार्थिव शरीर को देखा था। मुनव्वर ने अपने पिता के प्रति अपनी नफरत और फिर उन्हें माफ करने की वजह का भी खुलासा किया।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मुनव्वर फारूकी सोशल मीडिया की दुनिया का एक बड़ा नाम है। बिग बॉस 18 के विनर पेशे से स्टैंडअप कॉमेडियन और होस्ट हैं। कई बार उन्होंने ऐसे जोक्स भी कहे, जिसकी वजह से उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी।
हालांकि, मुनव्वर फारूकी हमेशा से एक बड़ा नाम नहीं था। उनका बचपन बहुत ही संघर्ष में गुजरा था। जब स्टैंडअप कॉमेडियन महज 13 साल के थे, तो उन्होंने अपनी मां को खो दिया था। हाल ही में उन्होंने जिस रात अपनी मां के पार्थिव शरीर को सामने देखा था उसका दर्द बयां किया। इसी के साथ मुनव्वर ने ये भी बताया कि क्यों वह अपने पिता को विलेन समझते थे।
बचपन में मुनव्वर के सामने मां ने तोड़ा था दम
प्रखर गुप्ता से खास बातचीत में मुनव्वर फारूकी ने अपनी जिंदगी के उन सबसे कड़वे दिनों को याद किया, जिसे शायद एक बच्चा बड़ा होने के बाद कभी याद नहीं रखना चाहेगा। मुनव्वर ने कहा,
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"मेरी मां को परिवार की तरफ से कभी भी सराहना नहीं मिली। वह बहुत ही हिम्मत रखने वाली थीं, लेकिन सब्र की भी एक लिमिट होती है। जब मैं 13 साल का था, तो एक सुबह मुझे किसी ने उठाया और कहा कि मेरी मां अस्पताल में हैं। जब मैं वहां पहुंचा, तो मुझे पता चला कि मेरा परिवार कह रहा है कि ये किसी को नहीं पता चलना चाहिए कि उन्होंने जहर खाया है। मां ने ऐसा क्यों किया मुझे कभी नहीं समझ आया। एक नर्स थीं जो मेरी मां के साइड की थी, मैंने उन्हें बोला, तो उन्होंने मेरी मां को तुरंत शिफ्ट किया, लेकिन तब तक उनकी डेथ हो चुकी थी"।
मुनव्वर ने कहा-मुझे ठहराया जिम्मेदार
मुनव्वरने कहा कि उन्हें बैठकर शोक मनाने का समय भी नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा, "मेरी मां नहीं रही, इस खबर को मुझे प्रोसेस भी नहीं करने दिया गया। जब मेरी मां गई, उसकी अगली ही सुबह मुझे कई सारे टास्क पकड़ा दिए और कहा 'रो मत'। उन्होंने ऐसा महसूस करवा दिया कि इन सबके लिए मैं जिम्मेदार हूं। मुझे कहा गया कि मुझे मजबूत रहना होगा और हर किसी का ध्यान रखना होगा।
मुनव्वर ने कहा, "मुझे याद भी नहीं है कि दुखी होना क्या होता है, मुझे याद है कि मैं सबके सामने ऐसा था कि सबकुछ नॉर्मल है। उनकी लास्ट राइट में भी मैं रो रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर। मैं उन सब पर गुस्सा कर रहा था, जिन्होंने मेरी मां के साथ गलत किया। हालांकि, एक समय के बाद मैंने उन्हें माफ कर दिया था।
मैं शुरू में पिता से करता था नफरत- मुनव्वर फारूकी
सिर्फ अपनी मां ही नहीं, मुनव्वर फारूकी ने अपने पिता से नफरत करने की वजह का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा, "शुरुआत में, मैं अपने पिता से बहुत ज्यादा गुस्सा था, लेकिन जब मैंने उनकी हालत देखी तो मैंने अपने गुस्से को जाने दिया। मेरी मां के गुजर जाने के बाद, मेरे डैड को पैरालेटिक अटैक आया था और उनकी 80% बॉडी पैरालाइज्ड हो गई थी। 11 साल तक उनकी हालत नहीं सुधरी थी, मैं उन्हें विलेन मानता था, लेकिन वह मेरे पिता थे। मैंने खुद को ये समझाना शुरू किया कि उन्होंने जो गलत किया, उन्हें उसका किया मिल गया और उन्होंने भी वह दर्द झेला है"।
उन्होंने आगे कहा कि, "मैंने इसके बाद ये सोचा कि अब इस इन्सान से क्या नफरत करूं, मेरे अलावा उनके पास कोई था भी नहीं। उस स्थिति को देखते हुए मैंने उन्हें माफ कर दिया"।
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