Amitabh Bachchan की इस फिल्म में था डबल मीनिंग गाना, मनमोहन देसाई को सुननी पड़ी थी खरी-खोटी
बॉलीवुड में आज के समय पर गानों को लेकर काफी बवाल मचता है। मेकर्स पर लोग अक्सर डबल मीनिंग गानों को इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि अमिताभ बच्चन की 1985 में रिलीज हुई मूवी में भी एक ऐसा गाना था जिसे लेकर काफी बवाल मचा था। इस गाने के लिरिक्स के चक्कर में मनमोहन देसाई को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सदी के महानायक से लेकर बॉलीवुड के शहंशाह, एंग्री यंग मैन और बिग बी अमिताभ बच्चन को फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद न जाने फैंस ने प्यार से कितने नाम दिए।1969 में फिल्म मल्टीस्टारर फिल्म 'सात-हिंदुस्तानी' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन को हिंदी सिनेमा में काम करते हुए छह दशक हो चुके हैं, लेकिन अब भी वह अपनी ऑडियंस का मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं।
बिग बी ने अपने करियर में जंजीर से लेकर दीवार, आनंद, रेशमा और शेरा, गुड्डी, बावर्ची जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी। अमिताभ बच्चन भले ही एक एवरेज लुकिंग एक्टर थे, लेकिन उनकी फिल्मों की यूएसपी थी, उनका एक्शन, डायलॉग और उनकी मूवीज के गाने, जो आज भी बजते हैं और जिन पर उनके चाहने वाले आज भी झूमते हैं। हालांकि, उनके कई सुपरहिट गानों के बीच एक ऐसा गाना भी आया था, जो डबल मीनिंग सॉन्ग था, जिसकी वजह से फिल्म के निर्देशक मनमोहन देसाई को काफी सुनना पड़ा था। अमिताभ बच्चन की कौन सी फिल्म का था डबल मीनिंग गाना, कहानी में आगे पढ़ें:
बिग बी इस फिल्म में किया गया था डबल मीनिंग गाने का इस्तेमाल
साल 1985 में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की एक फिल्म रिलीज हुई थी 'मर्द'। मूवी का निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया था। फिल्म में बिग बी के साथ अमृता सिंह की जोड़ी बनी और अहम भूमिका में निरूपा रॉय से लेकर प्रेम चोपड़ा, दारा सिंह जैसे कलाकार नजर आए। इस फिल्म के डायलॉग्स तो जबरदस्त थे, लेकिन मूवी का एक ऐसा गाना था जिसे उस समय के क्रिटिक्स ने घटिया और डबल मीनिंग बताया था।
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फिल्म का गाना था 'हम तो तम्बू में बंबू लगाए बैठे'। इस गाने के लिरिक्स लेखक 'प्रयागराज' ने लिखे थे। गाने को मोहम्मद अजीज और आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी।
Video Credit- T-Series Bollywood Classic
इस गाने को अगर आप ध्यान से सुनेंगे या इसका वीडियो देखेंगे तो इसमें अमिताभ बच्चन के एक्सप्रेशन से लेकर गाने के लिरिक्स में कई जगह पर डबल मीनिंग बातों का एहसास होगा। जब मर्द रिलीज हुई और ये गाना आउट हुआ तो रिपोर्ट्स की मानें तो क्रिटिक्स ने मनमोहन देसाई पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने गाने में डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल किया है।
1985 में मर्द ने बॉक्स ऑफिस पर किया था इतना कलेक्शन
हम तो तम्बू में बंबू लगाए बैठे गाने को क्रिटिक्स से भले ही कितनी भी आलोचना मिली हो, लेकिन ये सॉन्ग सुपरहिट हो गया। मर्द फिल्म की कहानी ब्रिटिश पृष्ठभूमि पर आधारित है। अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में एक तांगे वाले की भूमिका अदा की है। मूवी का सबसे फेमस डायलॉग है 'मर्द को दर्द नहीं होता', जो आज भी स्टाइल में कई लड़के बोल ही जाते हैं।
Photo Credit-Imdb
एक्शन ड्रामा फिल्म मर्द 1985 में उस साल की सेकंड हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म थी। उसके आगे राज कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली थी'। 2.8 करोड़ के बजट में बनी मर्द ने उस समय पर 16 करोड़ के आसपास की कमाई की थी।
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