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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jan Ashirwad Yatra : मंडला और श्योपुर से अमित शाह आज जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाएंगे हरी झंडी

By Jagran NewsEdited By: Shashank Mishra
Published: Tue, 05 Sep 2023 12:18 AM (IST)

MP Election 2023 भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले अमित शाह ने भाजपा (BJP) के मिशन 2023 की नैया ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 47 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 35 सीटें सुरक्षित हैं।
मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 47 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 35 सीटें सुरक्षित हैं।

भोपाल, जेएनएन। प्रदेश की अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की 82 सीटों की चुनावी कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हवाले रहेगी। शाह मंगलवार को मंडला और श्योपुर से जनआशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाकर अजा-अजजा हित का संदेश भी देंगे।

कई बार प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों का शाह कर चुके है दौरा

मध्य प्रदेश में वे पहले भी आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। लगभग तीन वर्ष पहले वे राजा शंकर शाह- रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस 18 सितंबर को जबलपुर आए थे। यहां से उन्होंने आठ सूत्रीय वादे किए थे, इसमें पेसा नियम लागू करने का वादा भी था। शाह ने यहां स्मारक और संग्रहालय बनाने का भूमिपूजन भी किया था।

संभावना है कि इसका लोकार्पण शाह या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों हो। इसी वर्ष फरवरी में सतना में कोल महाकुंभ में भी शाह शामिल हुए थे। इधर, प्रधानमंत्री मोदी 14 सितंबर को मध्य प्रदेश के एक दिवसीय प्रवास पर आने वाले हैं।

वे बीना रिफायनरी में 50 हजार करोड़ की पेट्रो केमिकल परियोजना के विस्तार की आधारशिला रखेंगे। इसी माह मोदी भोपाल भी आएंगे, जहां 10 लाख कार्यकर्ताओं के महाकुंभ में शामिल होंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 47 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 35 सीटें सुरक्षित हैं।

बलिदान दिवस में भी अमित शाह हुए थे शामिल

भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले अमित शाह ने भाजपा के मिशन 2023 की नैया पार लगाने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की 82 सीटों में भगवा फहराने का संकल्प लिया है। इसी रणनीति के चलते शाह मंगलवार को आदिवासी जिले मंडला और श्योपुर में जनआशीर्वाद यात्रा में शामिल होंगे।

दरअसल, वर्ष 2018 में भाजपा के सरकार न बनने का प्रमुख कारण अजा-अजजा वोटबैंक का भाजपा से दूर जाना रहा है। दो साल बाद भाजपा ने कांग्रेस में तोड़-फोड़कर सरकार तो बनाई लेकिन तभी से शाह ने अजा-अजजा की 82 सीटों पर वापसी के लिए सक्रियता बढ़ा दी थी। तीन वर्ष पहले शाह जबलपुर आए और अंग्रेजों को पराजित करने वाले राजा शंकर शाह- रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस में पहली बार शामिल हुए।

इसके बाद से वे आदिवासी क्षेत्रों के लगातार दौरे पर आते रहे हैं। अब जनआशीर्वाद यात्रा के बहाने शाह के महाकोशल और ग्वालियर- चंबल दौरे को भाजपा के बिगड़े समीकरण सुधारने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।

रजनीश अग्रवाल, प्रदेश मंत्री भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हित में लगातार निशुल्क राशन, पक्का मकान, आयुष्मान भारत में 5 लाख का बीमा देने का कार्य किया वहीं 70 सालों से उपेक्षित इन वर्गों के महापुरुषों का सम्मान, उनके पुण्य स्थलों पर स्मारक बनाने का कार्य किया है।

अमित शाह का मार्गदर्शन लगातार मध्य प्रदेश को मिलता है तो हमारे नेतृत्व की यही विशेषता है जो भाजपा का गौरव है।