देहरादून, केदार दत्त। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा की भले ही अपने स्टार प्रचारकों के धुंआधार कार्यक्रम तय कर कॉर्पेट बांबिंग की तैयारी हो, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद डिमांड में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही हैं। राज्य के पांचों लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा की इकाइयों की ओर से उनके क्षेत्र में योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम निर्धारित करने की प्रांतीय नेतृत्व से मांग की गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड निवासी योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम मांगे गए हैं, लेकिन उनके अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण तिथि नहीं मिल पा रही है। राष्ट्रीय नेतृत्व से इस बारे में फिर से आग्रह किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही उनकी सभाएं मिल जाएंगी। 

उत्तराखंड में लोकसभा की सीटें भले ही सिर्फ पांच हों, मगर भाजपा के लिए ये खासी अहमियत रखती हैं। पिछले चुनाव में भाजपा ने इन सभी पर जीत दर्ज की थी और अब उसके सामने ऐसा ही प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। इसे देखते हुए भाजपा कोई कोर-कसर छोडऩे के मूड में नहीं है और उसने पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रचार के मद्देनजर पार्टी द्वारा तय किए जा रहे स्टार प्रचारकों के धुंआधार कार्यक्रमों को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक स्टार प्रचारकों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम लगाने की मांग सबसे अधिक आ रही है। असल में योगी आदित्यनाथ मूल रूप से उत्तराखंड के ग्राम पंचुर-ठांगर (यमकेश्वर ब्लाक) के निवासी हैं। उनका राज्य से गहरा लगाव है और उप्र की बागडोर संभालने के बाद कई मौकों पर उन्होंने यह जाहिर भी किया है। यहां की जनता भी उन्हें अपने बीच पाकर जुड़ाव महसूस करती है। ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि अपने पारंपरिक वोट बैंक को योगी आदित्यनाथ की छवि और यहां से लगाव के बूते अधिक मजबूत बनाया जाए। 

सूत्रों ने बताया कि पार्टी की ओर से शुरुआती दौर से ही योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम देने का आग्रह किया गया था, मगर उनकी सभाएं नहीं मिल पाईं। अब फिर से केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया गया है कि पांचों लोकसभा क्षेत्रों में कम से कम एक सभाएं उनकी दे दी जाएं। 

उमा के भी नहीं मिल रहे कार्यक्रम 

राज्य में चुनाव प्रचार के लिए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा की स्टार प्रचारक उमा भारती की सभाओं की डिमांड भी पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व को मिली है, मगर उनके कार्यक्रम भी यहां नहीं मिल पा रहे। पार्टी इस कोशिश में है कि उत्तराखंड से विशेष लगाव रखने वाली केंद्रीय मंत्री उमा भारती की सभाएं भी जल्द से जल्द मिल जाएं। 

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Posted By: Raksha Panthari

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