नई दिल्ली आइएएनएस। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) और नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship (Amendment) Act, 2019) कानून के विरोध में दिल्ली में चले विरोध प्रदर्शन को लेकर हैरान करने वाली बात सामने आई है। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया था।

प्रदर्शन के लिए बिलकिस दादी को किया गया था तैयार

समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक, पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC के विरोध में चले धरना-प्रदर्शन में सबसे 'बिलकिल दादी' को राजी किया गया था। बताया जा रहा है कि पीएफआइ से जुड़े एक संदिग्ध शख्स ने बिलकिस दादी को इसके लिए तैयार किया था। बिलकिस दादी का असली नाम बिलकिस बानो है। वह सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन के चलते चर्चा में आई थीं। 

चक्का जाम की योजना बना रहे थे पीएफआइ से जुड़े लोग

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में फिर जांच एजेंसियों ने सोमवार मध्य रात्रि से लेकर बुधवार सुबह तक छापेमारी की कार्रवाई की। इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कुछ संदिग्ध सदस्य दिल्ली में 'चक्का जाम' की योजना बना रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक, शाहीन कौसर और पीएफआइ के अन्य सदस्य दिल्ली भर में चक्का जाम की योजना बना रहे थे, जिससे दिल्ली की कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो। 

सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन में भी था शामिल

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत पूछताछ के बाद रिहा किए गए शाहीन कौसर ने अखिल भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में अहम भूमिका निभाई थी। विशेष रूप से कौसर ने ही 84- साल की 'बिलकिस दादी' शाहीन बाग में धरने देने के लिए तैयार किया था।  

टाइम मैगजीन से 100 ताकतवर हस्तियों में किया था शामिल

गौरतलब है कि टाइम मैगजीन ने बिलकिस दादी को विश्‍व की 100 सबसे ताकतवर हस्तियों में शामिल किया था।टाइम मैगजीन द्वारा चुनी गई विश्‍व की सौ प्रभावशाली हस्तियों में मोदी और बिलकिस बानों के साथ बॉलीवुड एक्‍टर आयुष्मान खुराना, बायोलॉजिस्‍ट रविंद्र गुप्‍ता, सुंदर पिचाई का भी नाम शामिल थे। ये सभी मौजूदा वर्ष 2020 के प्रभावशाली लोग थे।

पति की मौत के बाद दिल्ली में रहती है बिलकिस

यहां पर बता दें कि बिलकिस बानों ने खुद बताया है कि वह कभी स्‍कूल नहीं गईं। उन्‍होंने केवल कुरान शरीफ ही पढ़ी है। उत्‍तर प्रदेश के हापुड़ जिले से संबंध रखने वाली बिलकिस के पति का एक दशक वर्ष पहले देहांत हो गया था। फिलहाल वो दिल्‍ली के शाहीन बाग में अपनी बहू, पोते-पोतियों और अपनी दो बहनों के साथ रहती हैं।

सबूत तलाशने के लिए मारे छापे

मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह पांच बजे तक आपरेशन चलता। जिन 30 सक्रिय कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है उन सभी के 30 मोबाइल, कई लैपटाप, इलेक्ट्रानिक डिवाइस व आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इसकी जांच कर इनकी गतिविधियों के बारे में पता लगाया जा रहा है, ताकि सबूत के आधार पर इनकी गिरफ्तारी की जा सके और अन्य जगहों पर भी छापेमारी की कार्रवाई की जा सके।

अशांति फैलाने की बनाई जा रही थी योजना

सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पुलिस को कई ऐसे संवेदनशील दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक उपकरण मिले हैं जिससे पता चल रहा है की राजधानी में अशांति फैलाने की योजना बनाई जा रही थी।

22 सितंबर को कई को किया था गिरफ्तार

ज्ञात रहे इससे पहले विगत 22 सितंबर को ईडी ने पीएफआइ के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष मोहम्मद परवेज अहमद, महासचिव इलियास अहमद व आफिस सचिव अब्दुल मुकीत को गिरफ्तार किया था। तीनों को अबुल फजल एन्क्लेव से इनके घरों से गिरफ्तार किया गया था।

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Edited By: JP Yadav

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