नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporatio) अपने 30 लाख से अधिक यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का हमेशा ध्यान रखता है। इसके लिए डीएमआरसी बीच-बीच में आधुनिक सुविधाएं भी मेट्रो ट्रेनों और स्टेशनों पर शामिल करता रहता है, जिससे लाखों यात्रियों का सफर सुहाना हो और उन्हें विश्वस्तरीय सुरक्षा भी मिले।

डीएमआरसी का वायरल वीडियो दे रहा बड़ा संदेश

इसके लिए डीएमआरसी वीडियो ओर कार्टून कैरेक्टर के जरिये लोगों को जानकारी देने के लिए सुरक्षा के प्रति भी आगाह करता रहता है। इसी कड़ी में पिछले कुछ दिनों से डीएमआरसी का एक वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल है, जिसमें वह अपने यात्रियों को सुरक्षा के प्रति संदेश दे रहा है। वह भी एक क्रिकेट मैच के बहाने।

हजारों लोग देख चुके हैं यह वीडियो

डीएमआरसी ने यह वीडियो 27 सितंबर को अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है। इसमें क्रिकेट मैच के दौरान बैट्समैन एक गलती करता है और अनचाही और अनजानी गलती के कारण आउट हो जाता है। यह वीडियो हजारों लोग देख चुके हैं और एक-दूसरे को शेयर भी कर रहे हैं। 

वीडियो ट्वीट कर दी टैगलाइन

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले खिलाड़ी रन लेने के लिए दौड़ पड़ता है और इस बीच गेंदबाज बैंट्समैन को आउट कर देता है, क्योंकि वह क्रीच से बाहर होता है।  इस वीडियो को शेयर करने के साथ ही टैग लाइन दी है 'नज़र हटी दुर्घटना घटी' और लिखा है- 'ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर प्रतीक्षा करते समय पीली लाइन के पीछे रहें'। 

सतर्क रहें वरना हो सकता है हादसा

इस वीडियो के जरिये डीएमआरसी यह कहना चाहता है कि मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करने के दौरान संयम और सतर्कता बरतें। मेट्रो स्टेशन पर बने प्लेटफार्म पर येलो लाइन से दूरी बनाकर रखें वरना हादसे का शिकार हो सकते हैं।

मेट्रो स्टेशनों पर क्यों होती है पीली लाइन

जब मेट्रो स्टेशन पर लोग ट्रेन का इंतजार करते हैं तो अनाउंसमेंट होती है ‘कृप्या पीली लाइन से पीछे खड़े हों’, यह बात सुरक्षा कारणो से बोली जाती है। दरअसल, मेट्रो के प्लेटफॉर्म के पास तो पीली रेखा बनी होती है। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन की एंट्री से लेकर कतार में खड़े रहने और प्लेटफॉर्म तक जाने में आपको पीली टाइल्स लगी दिखती होंगी। बता दें कि मेट्रो स्टेशन पर ये पीली टाइल्स टेक्टाइल पेविंग होती है, जो नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और मदद मकसद से लगाई जाती हैं। यलो लाइन की सहायता से नेत्रहीन लोग उन पर चलकर अपने छड़ी के सहारे से रास्ते का पता लगा पाते हैं। ऐसे में अब कभी इस लाइन पर न चलें। इस लाइन पर ऐसे लोगों को चलने दें जिन्हें इसकी जरूरत है।

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Edited By: Jp Yadav

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