नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में बारिश थमने के चंद दिनों बाद 29 सितंबर को मानसून 2022 (Monsoon) भी विदा हो गया। मानसून की विदाई के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों के लिए वायु प्रदूषण एक नई मुसीबत बनने लगा है। शनिवार (01 अक्टूबर) को दिल्ली और एनसीआर के शहरों की हवा सबसे खराब दर्ज हुई है। हवा में बदलाव के चलते सोमवार-मंगलवार तक वायु गुणत्ता सूचकांक बढ़ा रहेगा।

एनसीआर के शहरों में AQI 200  के पार

दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) 150 से ऊपर है तो गाजियाबाद और गुरुग्राम में 200 के पार चला गया है। AQI का इतनी अधिक तेजी से बढ़ना दिल्ली के साथ एनसीआर के शहरों के लिए भी ठीक नहीं है। हालात यही रहे तो आगामी एक सप्ताह के भीतर AQI 250 से ऊपर भी पहुंच सकता है।

पराली जलने के बाद हालात होंगे और खराब

पिछले डेढ़ दशक के दौरान दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में भी वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुका है। इस बार अक्टूबर के पहले दिन (01 अक्टूबर) को ही दिल्ली और इसके आसपास की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई। आने वाले दोनों में हालात में सुधार की कोई गुंजाइश भी नहीं है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा और जहरीली हो जाएगी।

दिवाली तक बन जाते हैं गैस चैंबर जैसे हालात

प्रत्येक वर्ष दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (graded response action plan) लागू किया जाता है, लेकिन इसका असर बेहद कम होता है। यही वजह है कि दिवाली के आसपास दिल्ली-एनसीआर की हवा इस कदर जहरीली हो जाती है कि पूरा क्षेत्र गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंच जाता है। 

वायु प्रदूषण से बचने के लिए अपनाएं ये 10 उपाय

1. गुड़ के सेवन से राहत: गुड़ का विशेष गुड़ है कि यह फेफड़ों की रक्षा करता है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों के फेफड़े प्रभावित होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में दिल्ली-एनसीआर के लोग अगर रात को डिनर के साथ गुड़ का सेवन करें तो फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।  

2. घर से बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगाएं: दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस सक्रिय है। इसके अलावा वायु गुणवत्ता सूचकांक भी बढ़ रहा है। ऐसे में वायु प्रदूषण से बचाने में फेस मास्क कारगर उपाय साबित हो सकता है। यहां पर मास्क का इस्तेमाल कोरोना और वायु प्रदूषण दोनों से राहत दिलाएगा।

3. रोजाना लें भांप:  खानपान पर ध्यान देने के साथ रोजाना भांप लेना वायु प्रदूषण से राहत देता है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है, ऐसे में दफ्तर या अन्य काम से घर लौंटे तो 10-15 मिनट भांप लेना अच्छा विकल्प साबित होगा। 

4. रोजाना पिएं चार लीटर पानी: गर्मी खत्म होने के साथ ही लोग पानी की मात्रा स्वाभाविक रूप से कम कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को पानी अधिक पीना चाहिए। अधिक पानी का सेवन फेफड़ों में प्रदूषण को जमा नहीं होने लगता है। 

5. घर पर ही करें व्यायाम: वायु प्रदूषण के बढ़ने के साथ ही लोगों को व्यायाम पर अधिक देना चाहिए। मॉर्निंग वॉक के बजाय लोगों को घर पर व्यायाम करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। 

6. AQI अधिक हो तो न करें मॉर्निंग वॉक: वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर चला जाए तो मार्निंग वॉक से परहेज करें, क्योंकि सुबह के समय से ही AQI  खतरनाक स्थिति में चला जाता है। ऐसे में मॉर्निंग वॉक से स्वास्थ्य खराब हो सकता है। 

7. दिल के मरीज बरतें खास सतर्कता: विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में लोगों को सबसे ज्यादा खतरा नाइट्रोजन डाइआक्साइड के संपर्क में आने से होता है।  दरअसल, नाइट्रोजन डाइआक्साइड में सबसे महीन कण होते हैं। इसके संपर्क में आने पर लोग कुछ ही देर में प्रभावित हो सकते हैं। ये कण दिल के रोगियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। 

8. खाने-पीने पर दें खास ध्यान: अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति में लोगों को खाने-पीने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अक्टूबर से लेकर मार्च तक संभव हो तो विटामिन-सी और ओमेगा-3 का सेवन जरूर कें।

9. शहद, लहसुन, अदरक ज्यादा खाएं: गुड़ की तरह ही वायु प्रदूषण की स्थिति में शहद के साथ लहसुन और अदरक को सेवन लाभ दायक रहता है।

10. शहद और काली मिर्च  का इस्तेमाल: वायु प्रदूषण के बीच कफ लोगों की परेशानी बढ़ा देता है। लोगों को चाहिए कि जब दिल्ली और इसके आसपास की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई हो तो शहर और काली मिर्च का सेवन बढ़ा देना चाहिए। 

सामान्य ही रही दिल्ली की हवा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार शनिवार को भी दिल्ली की हवा सामान्य श्रेणी में ही दर्ज की गई। दिल्ली का एयर इंडेक्स 186 दर्ज किया गया। जहां तक एनसीआर के शहरों की बात है तो फरीदाबाद का एयर इंडेक्स 176, गाजियाबाद का 210, ग्रेटर नोएडा का 195, गुरुग्राम का 219 और नोएडा का एयर इंडेक्स 172 दर्ज किया गया। गाजियाबाद एवं गुरुग्राम का एयर इंडेक्स खराब जबकि अन्य जगहों पर सामान्य श्रेणी में रिकार्ड किया गया। सफर इंडिया का पूर्वानुमान है कि अभी हाल फिलहाल वायु प्रदूषण से बहुत अधिक बदलाव के आसार नहीं हैं।

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Edited By: Jp Yadav

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