Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने हथियार सप्लायर को दबोचा, NCR के कई गैंगस्टरों से जुड़े होने का खुलासा
Delhi News दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर में गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने वाले कुख्यात बदमाश अभि उर्फ विशाल उर्फ कालू को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्टल तीन कट्टा और 12 कारतूस बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उससे हथियारों के स्रोत और अन्य जानकारी जुटाने में लगी है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों को अवैध हथियार व कारतूस आपूर्ति करने वाले बदमाश अभि उर्फ विशाल उर्फ कालू को गिरफ्तार किया है।
वह ग्रेटर नोएडा का गैंगस्टर सोनू व यमुनापार के हाशिम उर्फ बाबा गिरोहों से जुड़कर उनके लिए भी काम करता है। इसके कब्जे से एक पिस्टल, तीन कट्टा व 12 कारतूस बरामद किए गए हैं।
न्यू उस्मानपुर के मामले में कड़कड़डूा कोर्ट ने किया भगोड़ा घोषित
इसके खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें न्यू उस्मानपुर के एक मामले में कड़कड़डूा कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। इसका पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पुलिस हथियारों के स्रोत आदि के बारे में पता लगा रही है।
डीसीपी विक्रम सिंह के मुताबिक अभि, गोपालपुर, तिमारपुर का रहने वाला है। 19 जनवरी को हवलदार मोहित को सूचना मिली कि कई आपराधिक मामलों वांछित बदमाश अभि हाशिम बाबा गिरोह के एक सहयोगी को अवैध हथियारों की खेप पहुंचाने पेपर मार्केट, हेडगेवार रोड, गाजीपुर आने वाला है।
2017 में उसे पहली बार चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा
क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे वहां से दबोच लिया। उसके बैग की तलाशी लेने पर अवैध हथियार व कारतूस बरामद किए गए। 2017 में उसे पहली बार चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 2020 में उसने अपने साथियों के साथ गांधी विहार में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की।
2021 में चोरी और 2022 में हत्या के प्रयास के मामले में फिर जेल
जिसमें उसे दोबारा जेल जाना पड़ा। 2021 में चोरी और 2022 में हत्या के प्रयास के मामले में फिर जेल पड़ा। जेल में रहने के दौरान वह हाशिम बाबा गिरोह के सदस्यों के संपर्क में आया, जिन्होंने उसे जेल से रिहा होने के बाद अवैध हथियारों की आपूर्ति करने का निर्देश दिया।
इसके बाद उसने एनसीआर में गिरोहों को अवैध हथियारों की आपूर्ति शुरू कर दी। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह फोन का इस्तेमाल करने से बचता था और पूर्व-निर्धारित समय और स्थानों पर हथियार पहुंचाता था।
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