Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    दिल्ली में स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान के लिए शीतकालीन सर्वे शुरू, 15 जनवरी तक घर-घर जाएंगी टीमें

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 04:14 PM (IST)

    शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली में स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान और उन्हें औपचारिक शिक्षा से जोड़ने के लिए शीतकालीन सर्वे शुरू किया है। यह अभियान 15 जनवरी ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    दिल्ली में स्कूल से बाहर रह गए छात्रों को वापस लाने की पहल। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान और उन्हें औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा निदेशालय ने शीतकालीन सर्वे शुरू किया है। यह सर्वे 15 जनवरी तक चलेगा, जिसके तहत प्रतिदिन सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक टीमें घर-घर जाकर बच्चों की पहचान करेंगी।

    अभियान का मकसद सार्वभौमिक शिक्षा सुनिश्चित करना और प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाना है। सर्वे के दौरान बच्चों को चार आयु वर्गों में चिन्हित किया जाएगा। इसमें पांच वर्ष तक, छह से 10 वर्ष, 11 से 14 वर्ष और 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे शामिल हैं।

    कभी स्कूल नहीं गए बच्चों पर विशेष नजर

    विशेष रूप से उन बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा जो या तो कभी स्कूल नहीं गए, बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं या विशेष शैक्षणिक सहायता की आवश्यकता रखते हैं। इस अभियान में कुल 234 टीमें तैनात की गई हैं, जो सभी जिलों में कार्य करेंगी। पूर्वी, दक्षिणी, पश्चिमी, उत्तरी और मध्य दिल्ली समेत सभी क्षेत्रों में सर्वे किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली में दुकानों के बाहर अवैध ठेले दिखने पर निगम की कार्रवाई; ठेले मालिक नहीं, कट रहे इनके चालान

    अनधिकृत कालोनियों, झुग्गी-बस्तियों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों को संभावित हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है।

    पहचान और दस्तावोज के अभाव में नहीं पहुंचे स्कूल

    अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे मिलते हैं, जो पहचान और दस्तावेजों के अभाव में स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। सर्वे टीमों को बच्चों की पहचान के लिए पहचान पत्र दिए गए हैं, ताकि समुदाय में उन्हें आसानी से पहचाना जा सके और लोगों का भरोसा बने। सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए बच्चों की जानकारी समग्र शिक्षा अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली विधानसभा में अटल-मालवीय की स्थापित की गई तस्वीर, राजनाथ सिंह ने सुनाए दिलचस्प किस्से

    स्कूल से बाहर पाए गए बच्चों, जिनमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी शामिल हैं, को 31 जनवरी तक स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट सात फरवरी तक प्रस्तुत की जाएगी।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

    मुख्यधारा की शिक्षा में जोड़ना लक्ष्य

    इसके माध्यम से न केवल बच्चों की पहचान होगी, बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार शैक्षणिक और सहायक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ सकें। विभाग का कहना है कि समय पर पहचान और दाखिले से न केवल बच्चों की पढ़ाई बचेगी, बल्कि बाल श्रम और ड्रापआउट जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।