डोप टेस्ट में फेल हुआ SMAT-2025 खेलने वाला क्रिकेटर, महिला खिलाड़ी डोपिंग के कारण 8 साल के लिए बैन
उत्तराखंड के तेज गेंदबाज को डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद नाडा ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। वहीं, फर्राटा धाविका धनलक्ष्मी शेखर को दू ...और पढ़ें

क्रिकेटर हुआ डोप टेस्ट में फेल
पीटीआई, नई दिल्ली: क्रिकेट से जुड़े एक दुर्लभ मामले में उत्तराखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज राजन कुमार के डोप जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस 29 साल के क्रिकेटर के नमूने में 'एनाबॉलिक स्टेरायड' ड्रोस्टानोलोन और मेटेनोलोन के साथ-साथ क्लोमीफीन भी पाया गया, जिसका उपयोग आमतौर पर महिलाओं में बांझपन के इलाज के लिए किया जाता है।
यह हालांकि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने की क्षमता भी रखता है। उत्तराखंड के खिलाड़ी ने अपना पिछला मैच आठ दिसंबर को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी ग्रुप डी के मैच में दिल्ली के विरुद्ध खेला था। क्रिकेटरों के डोप जांच में विफल होने के मामले बहुत कम हैं।
कम आते हैं मामले
मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर अंशुला राव 2020 में डोपिंग के लिए पकड़े गए थे, जबकि पृथ्वी शॉ 2019 में डोप जांच में पॉजिटिव पाए गए थे। नोंगमैथेम रतनबाला देवी भी डोप टेस्ट में विफल होने वाली दुर्लभ फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक बन गईं। उनका नाम भी अस्थायी निलंबन पाने वाले खिलाडि़यों की नवीनतम सूची में शामिल है। उनके नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मेटांडिएनोन पाया गया था। इस सूची में अन्य खिलाड़ी गौरव पटेल (एथलेटिक्स), खुशबू कुमारी (भारोत्तोलन), अचलवीर करवासरा (मुक्केबाजी और सिद्धांत शर्मा (पोलो) हैं।
धनलक्ष्मी दूसरी बार पाई गईं पॉजिटिव
तमिलनाडु की फर्राटा धाविका धनलक्ष्मी शेखर पिछले साल अपने करियर में दूसरी बार डोप जांच में पॉजिटिव पाई गई थीं। उन पर नौ सितंबर 2025 से आठ साल का प्रतिबंध लगाया गया है। सितंबर 2025 में उनके नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉयड ड्रोस्टानोलोन की पुष्टि हुई थी। यह उनका दूसरा डोप अपराध था। इस 27 साल की खिलाड़ी ने 2022 में डोप अपराध के लिए तीन साल का प्रतिबंध काटने के बाद 2025 में खेल में वापसी की थी।

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