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RBI MPC Meeting आज से हो गई शुरू, इस दिन होगा बैठक में लिए गए फैसलों का एलान

RBI Monetary Policy Latest Update चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही शुरू हो गई है। इसी के साथ आज से भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक (RBI FY25 1st MPC Meeting) भी आज से शुरू हो गई। बता दें कि हर दो महीने के बाद यह बैठक होती है। इस बैठक में लिए गए फैसलों का एलान 5 अप्रैल 2024 को होगा।

By Priyanka Kumari Edited By: Priyanka Kumari Published: Wed, 03 Apr 2024 09:08 AM (IST)Updated: Wed, 03 Apr 2024 04:38 PM (IST)
RBI MPC Meeting आज से हो गई शुरू, इस दिन होगा बैठक में लिए गए फैसलों का एलान
RBI MPC Meeting आज से शुरू (जागरण फोटो)

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। RBI FY25 1st MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग (RBI MPC Meeting) आज से शुरू हो गई। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की यह पहली बैठक है। इस बैठक में समिती द्वारा रेपो रेट (Repo Rate) के साथ कई और अहम फैसले भी लिए जाएंगे।

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यह बैठक 3 अप्रैल 2024 से 5 अप्रैल 2024 तक चलेगी। 5 अप्रैल 2024 को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा बैठक में लिए गए फैसलों का एलान किया जाएगा। बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर द्वारा किया जाता है। वर्तमान में रेपो रेट 6.5 फीसदी है।

इस बार भी कई एक्सपर्ट संभावना जता रहे हैं कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। बता दें कि आखिरी बार फरवरी 2023 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को बढ़ाकर 6.5 फीसदी किया था।

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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार के अनुसार

एमपीसी द्वारा 5 अप्रैल को नीतिगत दरों पर कार्रवाई करने की संभावना नहीं है। हालांकि इस साल रेट कट की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन रेट कट के लिए अभी समय अनुकूल नहीं है। अर्थव्यवस्था में विकास की गति मजबूत है और वित्त वर्ष 24 में शुरुआती अनुमान से काफी आगे 7.6% की जीडीपी वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। वित्त वर्ष 2025 में भारत के लिए 7% की विकास दर हासिल करना संभव है। इसलिए, अभी दर में कटौती की आवश्यकता नहीं है।

आरबीआई एमपीसी बैठक के सदस्य

एमपीसी बैठक का अध्यक्ष आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास है। वहीं इस समिति के सदस्य शशांक भिड़े, आशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा, राजीव रंजन और माइकल देबब्रत है।

इस देश ने ब्याज दर में की कटौती

दुनिया में इस साल स्विट्जरलैंड ब्याज दरों में कटौती करने वाली पहली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वहीं निया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जापान ने नकारात्मक ब्याज दरों की आठ साल की अवधि समाप्त कर दी है।

रेपो रेट क्या है? (What is Repo Rate)

देश के सभी बैंक को संचालन के लिए कर्ज की आवश्यकता होती है। बैंक केंद्रीय बैंक से यह कर्ज लेता है। केंद्र बैंक जिस दर पर बैंक को कर्ज देती है उसे ही रेपो रेट (Repo Rate) कहते हैं। रेपो रेट का सीधा कनेक्शन लोन पर पड़ता है।

दरअसल, जिस दर पर केंद्र बैंक कर्ज देती है, उसी दर पर बैंक भी ग्राहकों को लोन (Loan) देता है। ऐसे में अगर आरबीआई रेपो रेट में कटौती करने का फैसला लेता है तो इसका असर लोन पर पड़ता है। यानी कि होम लोन (Home Loan), व्हीकल लोन (Vehicle Loan) या फिर बाकी लोन की ब्याज दरें कम हो जाती है।

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