नई दिल्ली, पीटीआइ। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने कहा है कि जीएसटी सिस्टम समय-समय पर दाखिल किए गए मासिक रिटर्न और अगस्त से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा भुगतान किए गए करों की स्थिति की जांच करेगा। अगर जांच के दौरान अनुपालन नहीं करने की शिकायत सामने आई तो ई-वे बिल को रोक दिया जाएगा। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े तकनीकी मामलों की देखरेख करने वाले जीएसटी नेटवर्क ने कहा है कि सभी करदाताओं के लिए ई-वे बिल सुविधा रोकनने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है।

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जीएसटीएन ने अपने बयान में कहा कि इस वर्ष अगस्त के बाद की अवधि के लिए सिस्टम समय-समय पर जीएसटीआर-3बी या जीएसटी सीएमपी-08 के रूप में दाखिल स्टेटमेंट फार्म की जांच शुरू कर रहा है। यह बिल्कुल उसी तरह होगा जिस तरह कोरोना महामारी से पहले होता था।

पिछले साल केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीडीटी) ने कोरोना महामारी के दौरान राहत देते हुए रिटर्न नहीं दाखिल करने वालों के लिए ई-वे बिल जनरेशन को रोकने की प्रक्रिया बंद कर दी थी। हालांकि इस साल अगस्त में जीएसटीएन ने करदाताओं को सलाह दी थी कि सरकार ने 15 अगस्त से सभी करदाताओं के लिए ई-वे बिल जनरेशन सुविधा को फिर से ब्लाक करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।

इस तरह 15 अगस्त, 2021 के बाद सिस्टम फार्म जीएसटीआर-3बी में दाखिल रिटर्न की स्थिति या फार्म जीएसटी सीएमपी-08 (त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने वाले कंपोजीशन करदाताओं के लिए) में दाखिल किए गए विवरण की जांच करेगा।

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Edited By: Ankit Kumar