Amazon ने फिर किया छंटनी का एलान, AI की वजह से छिनेगी 14000 लोगों की नौकरी; भारत में इतने लोगों पर पड़ेगा असर
अमेजन (Amazon Layoffs) ने 14,000 कॉर्पोरेट नौकरियों में कटौती की घोषणा की है, जिसमें भारत में 800-1,000 कर्मचारी प्रभावित होंगे। ...और पढ़ें

अमेजन ने फिर किया छंटनी का एलान, AI है असली वजह
HighLights
अमेजन में 14,000 नौकरियों की कटौती का ऐलान
भारत में 800-1000 कर्मचारी प्रभावित होंगे
AI अपनाने से ऑटोमेशन पर जोर
नई दिल्ली। अमेजन ने एक बार फिर से छंटनी (Amazon Layoff 2025) का ऐलान कर दिया है। इसकी ताजा लेऑफ घोषणा ने कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है। टेक दिग्गज कंपनी ने कन्फर्म किया है कि वह इस साल 14,000 कॉर्पोरेट नौकरियाँ खत्म करने जा रहा है, जो इसकी 350,000 व्हाइट-कॉलर वर्कफोर्स का लगभग 4% है। ऐसा अमेजन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में पूरी तरह से बदलाव की तैयारी के चलते करने जा रही है।
भारत में कितने लोगों की जाएगी नौकरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेजन जो 14,000 लोगों की ग्लोबल छंटनी करने जा रही है, उनमें से भारत में 800-1,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। नौकरियों की इस कटौती की संख्या और भी बढ़ सकती है।
कंपनी तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपना रही है और सभी बिजनेस में लागत कम करने की कोशिश कर रही है। भारत में कंपनी के फाइनेंस, मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स और टेक जैसे डिपार्टमेंट के लोग प्रभावित हो सकते हैं। इन जॉब कट से ज्यादातर वे लोग प्रभावित होंगे जो Amazon की ग्लोबल टीमों को रिपोर्ट करते हैं।
बढ़ती लागत और सुस्त होती ग्रोथ
कंपनी के अधिकारी इस छंटनी को एक स्ट्रेटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग बता रहे हैं, जो कि मंदी का संकेत नहीं है, बल्कि इसकी असली वजह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बताया जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब अमेजन बढ़ती ऑपरेटिंग लागत और कुछ रिटेल सेगमेंट में धीमी ग्रोथ का सामना कर रही है।
इन सेगमेंट्स में बनेंगे नौकरियों के मौके
कंपनी के CEO एंडी जेसी और सीनियर VP बेथ गैलेटी ने कहा कि AI Amazon के इतिहास में सबसे बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन ला रहा है। उन्होंने इसे इंटरनेट के बाद सबसे बड़ा बदलाव कहा है। कंपनी ने कहा कि वह AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और रोबोटिक्स रोल्स के लिए हायरिंग जारी रखेगी।
30000 नौकरियों पर असर
जानकारों का अनुमान है कि जैसे-जैसे Amazon एडवांस्ड AI सिस्टम के जरिए अपने ग्लोबल ऑपरेशंस को और ज्यादा ऑटोमेट करेगा, वैसे-वैसे आखिर में 30,000 तक नौकरियों पर असर पड़ सकता है। कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव एंडी जेसी ने पिछले साल एक नोट में पीरे ऑर्गनाइजेशन में लेयर्स कम करने, ओनरशिप बढ़ाने और ब्यूरोक्रेसी कम करने की बात कही थी। उसके बाद अब छंटनी की जा रही है।
हालांकि इस छंटनी के बावजूद ब्रोकरेज फर्म्स और एनालिस्ट्स इसके शेयर और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव हैं।
