शेखपुरा में फ्लोराइड युक्त पानी बना अभिशाप, चार दर्जन गांवों के फिल्टर संयंत्र बेकार; दूषित जल पीने को मजबूर ग्रामीण
शेखपुरा जिले के कई ग्रामीण इलाकों में फ्लोराइड युक्त पानी गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है। अरियरी के चोरदरगाह और शेखोपुरसराय के कबीरपुर सहित लगभग चार द ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
अरुण साथी, शेखपुरा। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में फ्लोराइड युक्त पानी लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। अरियरी प्रखंड के चोरदरगाह तथा शेखोपुरसराय प्रखंड के कबीरपुर गांव सहित जिले के लगभग चार दर्जन गांवों में लगे फ्लोराइड फिल्टर युक्त जलसंयंत्र वर्षों से बेकार पड़े हैं।
नतीजतन गरीब और कमजोर वर्ग के लोग मजबूरी में सीधे नल जल और चापाकल का फ्लोराइड युक्त पानी पीने को विवश हैं, जबकि संपन्न लोग निजी आरओ फिल्टर लगाकर अपेक्षाकृत सुरक्षित पानी का उपयोग कर रहे हैं।
चोर दरगाह गांव की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई जा रही है। यहां कई दर्जन लोग फ्लोराइड युक्त पानी के दुष्प्रभाव से विकलांगता का शिकार हो चुके हैं। पंचायत के वार्ड संख्या चार के वार्ड सदस्य सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गांव में लगा फ्लोराइड फिल्टर संयंत्र किसी के घर तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है।
फिल्टर की वर्षों से सफाई और देखभाल नहीं होने के कारण यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है। ऐसे में ग्रामीण उसी दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर हैं, जिससे कई लोगों की हड्डियां कमजोर हो गई हैं। वे चलने-फिरने में असमर्थता बढ़ रही है।
प्रखंड के एक चिकित्सक ने बताया कि फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से फ्लोरोसिस नामक बीमारी हो जाती है। इसके कारण हड्डियां टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती हैं, जोड़ों में तेज दर्द रहता और धीरे-धीरे व्यक्ति विकलांगता की ओर बढ़ता है। इतना ही नहीं, बच्चों में भी इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। कम उम्र में ही दांतों पर पीले-भूरे धब्बे पड़ना, दांत कमजोर होकर झड़ जाना और मसूड़ों की समस्या आम हो गई है।
शेखोपुरसराय के कबीरपुर गांव के राहुल कुमार ने भी बताया कि उनके गांव में फ्लोराइड फिल्टर मशीन तो लगाई गई, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह बेकार पड़ी है। न तो उसकी नियमित सफाई होती है और न ही संचालन की कोई व्यवस्था है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन संयंत्रों की मरम्मत और सफाई नहीं की गई, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि फ्लोराइड फिल्टर संयंत्रों को जल्द दुरुस्त किया जाए।
नियमित जांच और रखरखाव की व्यवस्था हो तथा शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीबों को इस धीमे जहर से बचाया जा सके। इस संबंध में सिविल सर्जन ने बताया कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से कई गंभीर बीमारी होती है। इससे बचाव को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

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