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    Bihar Jamin Jamabandi: जमीन की जमाबंदी को आधार से लिंक कराना क्यों जरूरी? यहां जानिए हर सवाल का जवाब

    Updated: Fri, 23 Feb 2024 10:50 PM (IST)

    Bihar Jamin Jamabandi अब प्रत्येक भूस्वामी को अपनी जमीन की जमाबंदी को आधार कार्ड से लिंक कराना होगा। इसके साथ ही मोबाइल नंबर भी लिंक कराना होगा। अन्य ...और पढ़ें

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    हर किसान के लिए जमाबंदी का आधार लिंक जरूरी।

    जागरण संवाददाता, शिवहर। अब प्रत्येक भूस्वामी को अपनी जमीन की जमाबंदी को आधार कार्ड से लिंक कराना होगा। साथ ही मोबाइल नंबर भी जुड़वाना होगा। अन्यथा अंचल कार्यालय द्वारा जमाबंदी को लाक कर दिया जाएगा। जमीन की जमाबंदी को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराने पर नुकसान हो सकता है। साथ ही परेशानी भी बढ़ सकती है।

    इसके मद्देनजर शिवहर सीओ अनामिका कुमारी ने शुक्रवार को अंचल कार्यालय से जागरूकता वाहन को रवाना किया। यह वाहन शिवहर अंचल के गांव-गांव तक जाकर लोगों को जमाबंदी को आधार से लिंक कराने, इससे होने वाले फायदे व आधार लिंक नहीं कराने वाले भूस्वामियों को नुकसान की जानकारी देगा।

    साथ ही लोगों को जमाबंदी का आधार लिंक कराने के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर सीओ अनामिका कुमारी ने बताया कि सरकार ने जमाबंदी का आधार लिंक अनिवार्य कर दिया है। आधार लिंक नहीं कराने की स्थिति में जमाबंदी लॉक कर दिया जाएगा।

    इसके चलते भविष्य में किसानों को जमीन बेचने और खरीदने में परेशानी हो सकती है। वहीं आधार और मोबाइल लिंक्ड होने पर जमीन की सभी गतिविधियों की जानकारी मोबाइल पर मिलती रहेगी। इससे जहां लोग जमीन संबंधी मामलों में धोखाधड़ी से बच पाएंगे वहीं जमाबंदी में जमीन में किसी तरह के बदलाव को लेकर एसएमएस के माध्यम से किसानों को अलर्ट मिलेगा।

    जमाबंदी लाक होने की स्थिति में रैयत सिर्फ रसीद कटवा सकते हैं। बताया कि इसके लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बताया कि जमाबंदी आधार लिंक के लिए भू स्वामी अपने राजस्व कर्मचारी से मिलकर उन्हें संबंधित जमीन की लगान रसीद, आधार कार्ड तथा मोबाइल नंबर दें। इसके बाद राजस्व कर्मचारी द्वारा जमाबंदी को लिंक कर सारी जानकारी आलाइन कर दी जाएगी।

    लिंक होने की जानकारी किसानों को मोबाइल पर भेज दी जाएगी। बताया कि जमाबंदी पंजी को आधार कार्ड से लिंक करने में सबसे बड़ी परेशानी इस बात की है कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे जमाबंदी उपलब्ध हैं जिसके रैयत की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम से ही मालगुजारी रसीद कट रही है।

    ऐसे में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा उसे जमाबंदी खाता धारक की पंजी को उसके सबसे नजदीकी रिश्तेदार के आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। हालांकि, इसके पहले उस रैयत को वंशावली समेत कई अन्य तरह की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

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