यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एेसा दुर्लभ पेड़ जिससे तैयार होती हैं कई जीवनरक्षक दवाएं, जानिए
चिकित्सा जगत के लिए वरदान कहे जाने वाले कोचिला के दुर्लभ वृक्ष समस्तीपुर में पाए गए हैं। इन्हें संरक्षित करने ...और पढ़ें

समस्तीपुर [जेएनएन]। होमियोपैथ की जीवन रक्षक दवा 'नक्स वोमिका' से सभी परिचित हैं। यह जिस फल के बीज से बनता है, उसे 'कोचिला' कहा जाता है। ऐसे मूल्यवान औषधीय वृक्ष संरक्षण के अभाव में विलुप्त हो रहे हैं। हजारों वृक्षवाले इस वन में कोचिला के गिने-चुने पेड़ ही रह गए हैं।
इस औषधीय वृक्ष के फल व बीज से दर्जनों दवाइयां तैयार होती हैं। जिसमें सेडेटिव ड्रग्स, नींद व पागलपन की दवाइयां, एलर्जी की दवाइयां, मांसपेशियों के दर्द निवारक, हृदय रोग, लकवा, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों की दवाएं तैयार की जाती हैं।
कोचिला का एक वन समस्तीपुर जिला अंतर्गत शाहपुरपटोरी के गोरगामा गांव में है। ऐसे मूल्यवान औषधीय वृक्ष संरक्षण के अभाव में विलुप्त हो रहे हैं। हजारों वृक्षवाले इस वन में कोचिला के गिने-चुने पेड़ ही रह गए हैं। इसके संरक्षण के लिए न तो समाज के लोगों ने पहल की और न ही प्रशासन ने।
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