समस्तीपुर। समाहरणालय सभा कक्ष में सोमवार को विकास एवं जिला समन्वय समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए डीएम योगेन्द्र सिंह ने जिले में कार्यरत सभी माइक्रो फाइनेंस कंपनी या फाइनेंशियल कंपनी की जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने बैंकिग कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं एलडीएम को इस बात की जांच का आदेश दिया कि आरबीआई के गाइडलाइंस के अनुसार सभी नियमों का माइक्रो फाइनेंस कंपनी या फाइनेंशियल कंपनी पालन कर रही है या नहीं। उन्होंने सभी को जांच रिपोर्ट जल्द देने का आदेश दिया है ताकि आरबीआई के गाइडलाइंस का पालन नहीं करने वाले की सदस्यता रद कर विभाग को रिपोर्ट किया जा सके। डीएम ने दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में लाये गये शिविर की भी जानकारी ली और शिविर में नहीं पहुंचने वाले दिव्यांगों का आवेदन पीएचसी से सत्यापित कराने के बाद जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग को भेजने का आदेश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन के निदेशक विजय कुमार पांडेय सहित अन्य उपस्थित रहे। पिछले वर्ष के सभी परिवाद का निपटारा करने का दिया आदेश :

बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर पर लोक सूचना के दो, केन्द्रीय मानवाधिकार के एक, बिहार मानवाधिकार आयोग के एक, लोकायुक्त कार्यालय के एक मामले लंबित पाए गए। सीडब्ल्यूसी अंतर्गत विभूतिपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी के यहां दो, हसनपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी के यहां दो, कल्याणपुर बीडीओ के यहां तीन व मोहिउद्दीननगर बीडीओ के यहां 5 मामले लंबित पाए गए। इस पर डीएम ने 2022 से पहले के सभी परिवादों का निपटारा करने का आदेश दिया। इन योजनाओं के प्रतिवेदन पर हुई जांच :

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत लंबित डीसी बिल, केंद्र भवन मरम्मत का लंबित यूसी विवरण, मुख्यमंत्री तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिला सहायता योजना, मध्याह्न भोजन योजना, बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना, सामाजिक सुरक्षा, बिहार निशक्तता पेंशन योजना, कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना, लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के क्रियान्वयन की रिपोर्ट डीएम ने ली। इसके अलावा पीएचईडी, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, हर घर नल का जल, मुख्यमंत्री गली नाली पक्की करण निश्चय योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना, पंचायत सरकार भवन निर्माण का लक्ष्य एवं उपलब्धि, ग्राम पंचायत विकास योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की समीक्षा की गई। वहीं प्रखंड स्तर पर उप आवंटित राशि एवं व्यय, सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर डीएम को प्रतिवेदन दिया गया।

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