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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राहुल गांधी की आज पटना में महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक, सीट शेयरिंग पर हो सकता है एलान

Published: Wed, 24 Sep 2025 07:35 AM (IST)

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद राहुल गांधी ने महागठबंधन नेताओं संग बैठक की जिसमें सीट बंटवारे पर चर्चा हुई। ...और पढ़ें

राहुल गांधी आज करेंगे महागठबंधन के नेताओं संग बैठक। फाइल फोटो
राहुल गांधी आज करेंगे महागठबंधन के नेताओं संग बैठक। फाइल फोटो

HighLights

  1. राहुल गांधी ने महागठबंधन नेताओं के साथ बैठक की |
  2. सीट बंटवारे पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा |
  3. विपक्षी एकता पर राहुल गांधी का जोर |

राज्य ब्यूरो, पटना। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद बुधवार की देर शाम राहुल गांधी महागठबंधन के नेताओं के साथ होटल चाणक्य में बैठक करेंगे। इस बैठक में सीट बंटवारे समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके बाद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ महागठबंधन के अन्य नेता संयुक्त प्रेस वार्ता भी करेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन को एकजुट दिखाना कांग्रेस और सहयोगी दलों के लिए बेहद जरूरी है।

राहुल गांधी का यह कदम न केवल संगठनात्मक मजबूती, बल्कि विपक्षी एकजुटता का संदेश देने वाला माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो बैठक का मुख्य एजेंडा सीट बंटवारे पर अंतिम रूपरेखा तय करना होगा।

पिछले कुछ दिनों से महागठबंधन के अंदर सीटों को लेकर चल रही खींचतान पर विराम लगाने की कोशिश होगी। बैठक में कांग्रेस, राजद और वामदलों के साथ विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के शीर्ष नेता शामिल होंगे।

कांग्रेस चाहती है कि उसे पिछली बार से अधिक सीटें मिलें, वहीं राजद भी अपने परंपरागत आधार क्षेत्रों में समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहा। ऐसे में राहुल गांधी की मौजूदगी में किसी ठोस सहमति तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा, चुनावी मुद्दों पर साझा रणनीति, प्रचार अभियान की रूपरेखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ संयुक्त आंदोलन जैसे पहलुओं पर भी चर्चा होगी।

राहुल गांधी महागठबंधन के नेताओं से यह अपील कर सकते हैं कि पार्टियां व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर व्यापक विपक्षी एकता को प्राथमिकता दें।

कुल मिलाकर, सीडब्ल्यूसी के बाद होने वाली यह बैठक न केवल महागठबंधन की दिशा तय करेगी, बल्कि आगामी चुनाव में गठबंधन की ताकत और सामंजस्य की झलक भी पेश करेगी।

बैठक से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक ट्वीट किया, इसमें उन्होंने लिखा, विस्तारित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक आज सुबह पटना में होगी। मार्च 1940 के मध्य में हुए रामगढ़ अधिवेशन में ही कांग्रेस कार्यसमिति ने अपना ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया था।

इसी प्रस्ताव के माध्यम से पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक संविधान सभा के गठन और स्वतंत्र भारत के लिए संविधान तैयार करने तथा अपनाने के प्रति औपचारिक रूप से प्रतिबद्धता जताई थी।

इसके बाद की कहानी इतिहास है -जिसमें उस संगठन का मुखर विरोध भी शामिल है, जो अब अपनी शताब्दी मना रहा है और 26 जनवरी 1950 से लागू हुए उस संविधान का कट्टर विरोधी रहा है।

मार्च 1940 की पटना बैठक के समय एक पतली-सी पुस्तक प्रकाशित हुई थी, जिसका नाम था “Constituent Assembly and Our Demand”। इसे जय गोपाल नारंग ने लिखा था और इसमें एक प्रस्तावना भी शामिल थी।

यह प्रस्तावना उस व्यक्ति ने लिखी थी, जो लगभग एक दशक तक संविधान सभा के विचार का सबसे प्रबल समर्थक रहे- पंडित जवाहरलाल नेहरू। यह रही पंडित नेहरू द्वारा लिखी गई वह प्रस्तावना।

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